अमेरिका के आसमान में गरजे महाविनाशक B-2 और F-35 विमान, थर्रा उठी जमीन तो कारों में बजने लगे अलार्म विश्व 4 घंटे पहले 4
अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर वॉशिंगटन डीसी में वायुसेना के लड़ाकू विमानों और रणनीतिक बॉम्बर्स ने बेहद कम ऊंचाई से उड़ान भरकर अपनी अदम्य सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।

शनिवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी का आसमान एक अनोखे और रोमांचक नजारे का गवाह बना। इस ऐतिहासिक दृश्य ने जमीन पर मौजूद हजारों लोगों की धड़कनें बढ़ा दीं। दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे फ्रीडम 250 ग्रैंड प्रिक्स के शुभारंभ पर अमेरिकी वायुसेना ने अपनी अदम्य सैन्य शक्ति का जबरदस्त प्रदर्शन किया। जब देश के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक युद्धक विमान और रणनीतिक बॉम्बर नेशनल मॉल के ऊपर से बेहद कम ऊंचाई से गुजरे, तो उनकी गड़गड़ाहट से पूरी जमीन कांप उठी। विमानों की आवाज इतनी भयानक और तेज थी कि नीचे सड़कों और पार्किंग में खड़ी कई कारों के सुरक्षा अलार्म खुद-ब-खुद बजने लगे।

अमेरिकी सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन

राजधानी के आसमान में हुआ यह प्रदर्शन कोई साधारण एयर शो नहीं था, बल्कि यह आसमान में उड़ते हुए अमेरिका के सबसे आधुनिक और मारक युद्धक बेड़े का एक प्रदर्शन था। इस ऐतिहासिक फ्लाईपास्ट में अमेरिकी वायुसेना के तीन सबसे बड़े रणनीतिक बॉम्बर विमानों ने एक साथ हिस्सा लिया। इनमें सुपरसोनिक गति से उड़ने वाला B-1B लांसर, रडार की नजरों से बच निकलने में माहिर स्टील्थ बॉम्बर B-2 स्पिरिट और दशकों से अमेरिकी वायुसेना की ताकत रहे B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस शामिल थे। इन भीमकाय विमानों का नेतृत्व और सुरक्षा आसमान के नए राजा कहे जाने वाले F-35 और F-22 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान कर रहे थे। इस अद्भुत नजारे को देखकर वहां मौजूद दर्शकों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। सोशल मीडिया पर भी इस फ्लाईपास्ट के कई वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहे हैं, जिसमें इन महाविनाशक विमानों को बहुत करीब से उड़ते देखा जा सकता है।

एक साथ दिखे अमेरिका के सबसे घातक और शक्तिशाली विमान

नेशनल मॉल के ठीक ऊपर से गुजरने वाला यह हवाई बेड़ा अमेरिकी सेना की वायु शक्ति की विशालता और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक था। आमतौर पर इन विमानों को एक साथ देखना बेहद दुर्लभ माना जाता है, लेकिन इस विशेष अवसर पर ये सभी एक ही फॉर्मेशन में उड़ान भर रहे थे। इस ऐतिहासिक और भव्य हवाई बेड़े में निम्नलिखित विमानों का समावेश था:

  • अमेरिकी वायुसेना के दो अत्याधुनिक F-35A लाइटनिंग II युद्धक विमान
  • वायुसेना के दो सबसे फुर्तीले और घातक F-22 रैप्टर स्टील्थ लड़ाकू विमान
  • अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के चार विशेष श्रेणी के F-35B लाइटनिंग II फाइटर जेट
  • देश के तीन सबसे शक्तिशाली रणनीतिक बॉम्बर विमान - B-1B लांसर, B-2 स्पिरिट और B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस

इस संयुक्त फॉर्मेशन के जरिए अमेरिकी वायुसेना ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विभिन्न विभागों के विमान एक साथ मिलकर किसी भी बड़े मिशन को अंजाम देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

B-2 स्पिरिट बॉम्बर क्यों है इतना खास?

इस पूरे शक्ति प्रदर्शन के दौरान जिस विमान ने सबसे अधिक लोगों को आकर्षित किया और जो सबसे अधिक चर्चा का विषय बना, वह था B-2 स्पिरिट बॉम्बर। इस विमान को अमेरिकी वायुसेना की पारंपरिक और रणनीतिक मारक क्षमता का सबसे मुख्य आधार माना जाता है। इस बॉम्बर की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक और अचूक स्टील्थ क्षमता है। इसका अनोखा डिजाइन, जो किसी उड़ती हुई विशालकाय पतंग जैसा दिखता है, इसे दुश्मन की सुरक्षा प्रणालियों के लिए पूरी तरह से अदृश्य बना देता है।

इस विमान के निर्माण में ऐसी विशिष्ट तकनीकों, धातुओं और कोटिंग का उपयोग किया गया है, जो इसके रडार क्रॉस-सेक्शन को न के बराबर कर देती हैं। इसके अतिरिक्त, यह अपने इंफ्रारेड सिग्नल्स, इंजन की आवाज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्सर्जन को भी बहुत कम कर लेता है। इसी अनूठी खूबी के कारण B-2 दुनिया की सबसे उन्नत और मजबूत हवाई रक्षा प्रणालियों (एयर डिफेंस सिस्टम) को भी चकमा देकर सीधे दुश्मन के इलाके में घुसने की क्षमता रखता है। यह विमान न केवल पारंपरिक और सटीक मारक क्षमता वाले बम गिरा सकता है, बल्कि यह जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों से भी हमला करने में सक्षम है।

लंबी दूरी तक मार करने और परमाणु हमले में सक्षम

B-2 स्पिरिट बॉम्बर बेड़े का संचालन मुख्य रूप से अमेरिका के मिसौरी राज्य में स्थित व्हाइटमैन एयरफोर्स बेस से किया जाता है। यहाँ तैनात अमेरिकी वायुसेना की 509वीं बॉम्ब विंग इस बेड़े की देखरेख और परिचालन की जिम्मेदारी संभालती है। यह विंग सीधे तौर पर एयरफोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के अधीन कार्य करती है। इस बॉम्बर की मारक सीमा और उड़ान क्षमता इतनी अधिक है कि यह अमेरिका से उड़ान भरकर दुनिया के किसी भी कोने में तबाही मचा सकता है।

बिना किसी अतिरिक्त लैंडिंग और हवा में दोबारा ईंधन भरे बिना भी यह विमान लगभग 6,000 नॉटिकल मील यानी तकरीबन 9,600 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। इसकी इतनी विशाल रेंज, भारी मात्रा में घातक हथियारों को ढोने की क्षमता और रडार से बच निकलने की तकनीक इसे वैश्विक स्तर पर अमेरिकी सैन्य रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण और घातक हथियार बनाती है।

राष्ट्रपति का विमान एयरफोर्स वन भी आया नजर

इस ऐतिहासिक समारोह के अवसर पर केवल बॉम्बर और लड़ाकू विमान ही आसमान की शोभा नहीं बढ़ा रहे थे, बल्कि दर्शकों को एक और बड़ा सरप्राइज मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक और बेहद सुरक्षित विमान एयरफोर्स वन भी इस दौरान आसमान में दिखाई दिया। जब एयरफोर्स वन ने चार F-35 लड़ाकू विमानों की सुरक्षा घेरे (एस्कॉर्ट) के साथ नेशनल मॉल के ऊपर से बहुत कम ऊंचाई से उड़ान भरी, तो नीचे खड़े दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। वॉशिंगटन डीसी की ऐतिहासिक इमारतों के ऊपर एक साथ B-2, B-1B, B-52, F-35 और F-22 जैसे इतिहास रचने वाले विमानों की गूंज ने इस उत्सव को देश की सैन्य ताकत के एक अभूतपूर्व और यादगार सार्वजनिक प्रदर्शन में बदल दिया।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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