डोनाल्ड ट्रंप का शाही सपना: अमेरिका का पत्थर, इटली की कारीगरी और व्हाइट हाउस में बन रहा नया बॉलरूम विश्व एक घंटा पहले 7
व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के बहुप्रतीक्षित बॉलरूम प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है। इस विशाल प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसकी नक्काशी के लिए अमेरिका से पत्थर इटली भेजे जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में प्रस्तावित भव्य बॉलरूम के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर मंडरा रहे कानूनी संकट को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने टाल दिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश देते हुए निर्माण कार्य को जारी रखने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब इस प्रोजेक्ट के साथ एक बेहद रोचक पहलू जुड़ गया है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। इस बॉलरूम को शाही और भव्य रूप देने के लिए अमेरिका के इंडियाना राज्य से निकाले गए पत्थर को हजारों किलोमीटर दूर इटली भेजा गया है।

इटली क्यों भेजा जा रहा पत्थर

लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्थर अमेरिका का है, तो उसे तराशने के लिए इटली क्यों भेजा जा रहा है। इसका सीधा जवाब है इटली की सदियों पुरानी और बेजोड़ पत्थर तराशने की कला। व्हाइट हाउस के इस नए बॉलरूम में जो विशाल खंभे लगाए जाने हैं, उन पर अत्यंत बारीक और जटिल नक्काशी की जानी है। इसके लिए दुनिया भर में मशहूर इतालवी विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही हैं। यह प्रोजेक्ट वास्तव में तीन चीजों का संगम है, जहां पत्थर अमेरिका का है, हुनर इटली का है और पूरा खाका या डिजाइन डोनाल्ड ट्रंप का है।

प्रोजेक्ट की विशालता और विशेषताएं

यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 40 करोड़ डॉलर यानी लगभग 3,829.6 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह बॉलरूम 8,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैला होगा और इसमें एक साथ करीब 1,000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। वर्तमान में निर्माण स्थल पर करीब 200 लोग दिन-रात काम कर रहे हैं। जिस क्षेत्र में पत्थर को तराशा जाना है, वह कैरारा के नाम से जाना जाता है, जो सफेद संगमरमर और अपनी बारीक नक्काशी के लिए पूरी दुनिया में सदियों से प्रसिद्ध रहा है। यहां तक कि महान कलाकार माइकल एंजेलो भी अपने प्रसिद्ध शिल्पों के लिए इसी इलाके के संगमरमर का इस्तेमाल किया करते थे।

अत्याधुनिक सुरक्षा और सुविधाएं

यह बॉलरूम केवल एक समारोह स्थल नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह एक अभेद्य किले जैसा होगा। इसमें निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं:

  • किसी भी आपात स्थिति के लिए एयर-रेड शेल्टर।
  • पूरी तरह से सुसज्जित मेडिकल फैसिलिटी।
  • अत्यधिक गोपनीय और संवेदनशील बैठकों के लिए विशेष कक्ष।
  • ड्रोन और हेलिकॉप्टर के लिए समर्पित लैंडिंग पैड।
  • आधुनिक ड्रोन-रोधी छत प्रणाली।
  • पूरी तरह से बुलेटप्रूफ खिड़कियां।

व्हाइट हाउस प्रशासन का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए धनराशि निजी स्रोतों से जुटाई जा रही है और अब तक करीब 35.5 करोड़ डॉलर की राशि एकत्रित की जा चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बॉलरूम का बाहरी ढांचा अप्रैल 2028 तक बनकर पूरी तरह तैयार हो जाए।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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