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एक घंटा पहले
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हैदराबाद में मिला विशेष सम्मान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैदराबाद में उनके सम्मान में रखे गए सड़क के नाम को लेकर भारत सरकार की जमकर सराहना की है। हैदराबाद के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के नजदीक स्थित एक प्रमुख सड़क का नाम अब आधिकारिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अभूतपूर्व सम्मान पर अपनी खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि वह इस तरह का अनूठा सम्मान प्राप्त करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति हैं। ट्रंप ने भारत को धन्यवाद देते हुए अपने संदेश में इस घटना को मील का पत्थर बताया है।
समारोह और पट्टिका का अनावरण
यह नामकरण समारोह अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित फ्रीडम 250 कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर एक स्मारक पट्टिका का भी अनावरण किया गया। कार्यक्रम में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने संयुक्त रूप से इस पट्टिका का उद्घाटन किया। इस गरिमामयी समारोह में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और हैदराबाद स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूत लॉरा विलियम्स भी उपस्थित थे। इसके अलावा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ रक्षा, उद्योग, प्रौद्योगिकी और एयरोस्पेस क्षेत्र के कई दिग्गज इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।
भारत-अमेरिका रिश्तों का नया अध्याय
तेलंगाना सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, सड़क का यह नामकरण भारत और अमेरिका के बीच निरंतर प्रगाढ़ होते संबंधों का प्रतीक है। सरकार का मानना है कि यह कदम हैदराबाद की वैश्विक पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। यह सड़क दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक तालमेल और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रणनीतिक सहयोग पर राजदूत का बयान
कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों की प्रगति का सबसे सटीक उदाहरण हैदराबाद शहर है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रक्षा, एयरोस्पेस और हाईटेक सिटी के रूप में हैदराबाद में हो रहे विकास कार्य दोनों देशों की साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम व्यापार समझौते और मिशन इंडिया के माध्यम से अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। राजदूत ने स्पष्ट किया कि अमेरिका फर्स्ट नीति का अर्थ अमेरिका का अकेले चलना बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह सहयोग और साझा विकास की एक नई राह है।
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