MP का मौसम: 27 जून को 43 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें आपके शहर का क्या रहेगा हाल मध्य प्रदेश 3 महीने पहले 127
मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने 27 जून के लिए राज्य के 43 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज

मध्य प्रदेश में मानसून का असर अब तेजी से दिखाई देने लगा है। राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज काफी बदल गया है, जिससे तापमान में गिरावट और बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी है, और अब आगामी 27 जून 2026 को पूरे प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग स्वरूप देखने को मिलेंगे। जहाँ एक तरफ राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे, वहीं दूसरी ओर कुछ जिलों में अभी भी शुष्क मौसम बना रह सकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी और येलो अलर्ट

भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने आगामी 27 जून के लिए राज्य के कुल 43 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का मानना है कि मानसून की सक्रियता के कारण इन क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। अलर्ट में जिन जिलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, बड़वानी, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल, सिहोर, हरदा, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, सिवनी, सतना, मैहर, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला, कटनी, पन्ना, रीवा, शहडोल, अनूपपुर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।

आंधी और बारिश का संकट

इन 43 जिलों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यहाँ गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो आंधी-तूफान का रूप ले सकती हैं। ऐसे में बिजली गिरने और पेड़ों या कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

इन जिलों में बरकरार रहेगी गर्मी

प्रदेश के सभी हिस्सों में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। राज्य के उत्तरी और कुछ पश्चिमी सीमावर्ती जिलों में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, नीमच और मंदसौर जैसे जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने के आसार हैं। इन इलाकों में आसमान साफ रहेगा और हालांकि कुछ स्थानों पर आंशिक बादल देखे जा सकते हैं, लेकिन तापमान अधिक रहने के कारण गर्मी का अहसास बना रहेगा।

तापमान का उतार-चढ़ाव

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो मध्य प्रदेश में तापमान में काफी विविधता रही है। छतरपुर के नौगांव में सबसे अधिक तापमान 41.6 सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है। इसके विपरीत, खंडवा में सबसे कम तापमान 20.4 सेल्सियस दर्ज किया गया है। मानसून की सक्रियता के साथ ही अब धीरे-धीरे प्रदेश के सभी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी आने की उम्मीद है।

सुरक्षा के लिए प्रशासन के सुझाव

मौसम विभाग ने आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित रहने की कड़ी हिदायत दी है। विभाग की सलाह है कि

  • खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में न जाएं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
  • बिजली के खंभों या हाई-वोल्टेज लाइनों के पास न जाएं।
  • यदि बहुत आवश्यक न हो, तो यात्रा करने से बचें।
  • किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है क्योंकि गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले में काम करना जानलेवा हो सकता है।

मानसून की राह

मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से अपनी गति पकड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 जून से 29 जून के बीच की अवधि प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान मानसून के पूरे राज्य में सक्रिय होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिलों जैसे धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मानसून की अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जो कृषि और जल संचय के लिए राहत भरी खबर है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर 27 जून का दिन मध्य प्रदेश के लिए मानसून के दृष्टिकोण से काफी अहम है। जहां अधिकांश जिले बारिश की फुहारों और तेज हवाओं की चपेट में रहेंगे, वहीं कुछ जिलों को अभी मानसून की पूर्ण सक्रियता का इंतजार करना होगा। नागरिकों से अपील की जाती है कि स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें और प्रशासन द्वारा दी गई गाइडलाइंस का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से बचा जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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