राजस्थान में उभरा नया टाइगर हॉटस्पॉट! सरिस्का के बफर जोन में बढ़ी बाघों की रौनक, पर्यटकों का तांता राजस्थान 3 महीने पहले 42
सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघों की मौजूदगी तेजी से बढ़ी है और पर्यटकों को एक साथ 5-5 बाघ नजर आ रहे हैं। प्रशासन इस इलाके को 'मिनी टाइगर रिजर्व' के रूप में विकसित करने की तैयारी में है, जहां फिलहाल 11 बाघों का मूवमेंट बना हुआ है।

अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व के दीवाने पर्यटकों के लिए इन दिनों बेहद रोमांचक खबर है। जो लोग जंगल सफारी और बाघों के दीदार की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह सबसे मुफीद वक्त साबित हो रहा है। बीते दिनों जंगल में बाघों के दिखने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, और सबसे खास बात यह है कि अब अलवर शहर से सटे बफर जोन में भी बाघ पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। यहां की साइटिंग इतनी शानदार है कि सैलानियों को एक साथ 5-5 बाघ नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है।

बफर जोन बनेगा 'मिनी टाइगर रिजर्व'

बफर जोन में बाघों की लगातार बढ़ती संख्या और पर्यटकों की उमड़ती भीड़ को देखते हुए सरिस्का प्रशासन अब इस पूरे क्षेत्र को 'मिनी टाइगर रिजर्व' के रूप में विकसित करने की दिशा में जुट गया है। सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि सरिस्का का बफर जोन दिल्ली-एनसीआर और जयपुर के बेहद करीब है, जहां से महज 2 घंटे की यात्रा कर पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं। प्रशासन की मुख्य कोशिश इस बफर रेंज को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में खड़ा करने की है, ताकि शहर के पास मौजूद इस जंगल में सैलानी सुरक्षित ढंग से सफारी का लुत्फ उठा सकें और टाइगर साइटिंग के रोमांच को महसूस कर सकें।

11 बाघों का कुनबा और अनुकूल माहौल

सरिस्का के बफर जोन में इस समय 11 बाघ और बाघिनों का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। बाघों के शावक भी धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिहाज से बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। बाघों की सुरक्षा और उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के मकसद से सरिस्का प्रशासन लगातार 'ग्रासलैंड' और 'हैबिटेट वर्क' पर काम कर रहा है। वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और प्राकृतिक आवास बनाने की दिशा में इसे एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

पर्यटकों के लिए खास गाइडलाइन और सुविधाएं

बाघों की बढ़ती तादाद के बीच प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर विशेष गाइडलाइन भी जारी की है। सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने साफ किया कि जंगल में किसी भी तरह की ट्रेकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है और पर्यटकों को इससे दूर रहने की सलाह दी गई है। हालांकि जो सैलानी अपनी निजी गाड़ियों से सफारी पर निकलते हैं, उनके लिए हालात सामान्य और सुरक्षित बताए गए हैं।

बफर जोन में आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए अब अलग-अलग ट्रैक पर शौचालय और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं भी जुटाई जा रही हैं, ताकि जंगल भ्रमण के दौरान उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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