धर्म
2 घंटे पहले
3
विचारों
आज का धार्मिक महत्व
आज 25 जून 2026, गुरुवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आज के दिन निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती और गुरुवार व्रत का त्रिवेणी संगम हो रहा है। पंचांग के अनुसार, आज का दिन रवि योग में व्यतीत होगा, जो पूजा-पाठ और अनुष्ठान के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ गायत्री माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंत्रों का जाप करते हैं।
निर्जला एकादशी और व्रत के नियम
निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत कठोर माना जाता है। इस दिन जल और अन्न दोनों का त्याग करना अनिवार्य है। शास्त्रानुसार, यदि भूलवश भी जल ग्रहण कर लिया जाए, तो व्रत खंडित हो जाता है। सुबह स्नान के पश्चात व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा करें, कथा सुनें और आरती करें। इस दिन जल से भरे कलश का दान करना भी बहुत पुण्यकारी माना गया है। व्रत का पारण कल सुबह सूर्योदय के बाद किया जाएगा।
गायत्री जयंती और गुरुवार व्रत के उपाय
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी पर माता गायत्री का प्रकाट्य हुआ था, इसलिए आज के दिन गायत्री मंत्र का जाप करना विशेष लाभकारी है। वहीं, गुरुवार के व्रत में भगवान विष्णु की पूजा कर हल्दी, चने की दाल, गुड़, पीले वस्त्र और धार्मिक पुस्तकों का दान करने से कुंडली का गुरु दोष दूर होता है।
आज का पंचांग
- तिथि: एकादशी रात 08:09 पी एम तक, इसके बाद द्वादशी।
- नक्षत्र: स्वाति शाम 04:29 पी एम तक, इसके बाद विशाखा।
- योग: शिव योग सुबह 10:54 ए एम तक, इसके बाद सिद्ध योग।
- करण: वणिज सुबह 07:08 ए एम तक, फिर विष्टि रात 08:09 पी एम तक।
- पक्ष: शुक्ल पक्ष।
- सूर्य और चंद्र समय: सूर्योदय 05:25 ए एम, सूर्यास्त 07:23 पी एम, चंद्रोदय 03:38 पी एम और चंद्रास्त 26 जून को 02:10 ए एम।
शुभ और अशुभ समय
आज भद्रा का वास पाताल लोक में है, जो सुबह 07:08 ए एम से रात 08:09 पी एम तक रहेगी। इस दौरान पूजा और मंत्र जाप किए जा सकते हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:05 ए एम से 04:45 ए एम।
- अभिजीत मुहूर्त: 11:56 ए एम से 12:52 पी एम।
- विजय मुहूर्त: 02:43 पी एम से 03:39 पी एम।
- राहुकाल: 02:09 पी एम से 03:53 पी एम।
Comments
0 comment