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2 घंटे पहले
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परमाणु निरीक्षण पर अड़े डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। पेन्सिलवेनिया में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान पहले ही परमाणु ठिकानों के निरीक्षण के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा, वे गलत हैं और वे इस बात को अच्छी तरह जानते हैं। यदि ईरान अपने वादे से पीछे हटता है, तो जारी वार्ता को तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके पास निरीक्षण को लेकर 100 प्रतिशत पक्की जानकारी है।
ईरान की गिरती स्थिति और IAEA की भूमिका
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) को परमाणु ठिकानों की जांच की अनुमति नहीं देता है, तो तकनीकी वार्ता की बैठकें आगे नहीं बढ़ेंगी। निरीक्षण की समय-सीमा पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन सही समय आने पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के कारण ईरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है और अब वह एक समझौते की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा।
सैन्य क्षमता और होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा
अपनी कूटनीतिक जीत का दावा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की सेना और नेतृत्व का प्रभाव खत्म हो चुका है, यहां तक कि उनका रडार सिस्टम भी अब बेअसर हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों के आवागमन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड में हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के बाद तेल की आपूर्ति में बड़ी बाधाएं आई हैं। उन्होंने कहा कि 19 बैरल तेल की आपूर्ति रुकी है, जो होर्मुज के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी घटना है।
मानवीय आधार पर मदद की तैयारी
भविष्य के किसी भी आर्थिक समझौते पर टिप्पणी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इसमें ईरान की मानवीय आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान से मिलने वाली राशि का उपयोग अमेरिकी किसानों को मदद देने के लिए किया जाएगा, ताकि वहां से ईरान को मक्का, सोयाबीन और गेहूं जैसी जरूरी सामग्री भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि ईरान वर्तमान में भोजन और दवाओं की कमी से जूझ रहा है। यह सारी चर्चाएं वॉशिंगटन और तेहरान के बीच प्रतिबंधों में ढील और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चल रही हैं।
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