मुजफ्फरनगर का खौफनाक सच: फैक्ट्री में बंधक बनाकर मजदूरों को खिलाते थे सूखी रोटियां, पिटबुल कुत्तों से फैलाते थे दहशत उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक फैक्ट्री से 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। इन मजदूरों को अच्छी कमाई का झांसा देकर लाया गया था और फिर उन्हें दो साल तक अमानवीय यातनाएं दी गईं।

फैक्ट्री में कैद थी मजदूरों की जिंदगी

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक ऐसी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है जो लंबे समय से बंधुआ मजदूरी का केंद्र बनी हुई थी। तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में स्थित एक दोना बनाने वाली फैक्ट्री में छापेमारी के बाद 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ये मजदूर पिछले डेढ़ से दो साल से वहां कैद थे और नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे।

अच्छी कमाई का झांसा और फिर गुलामी

आरोपितों का गिरोह बहुत शातिर तरीके से काम करता था। वे रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों से गरीब लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें 8 हजार से लेकर 10 से 12 हजार रुपये तक की मासिक कमाई का लालच देकर फैक्ट्री में लाया जाता था। हालांकि, फैक्ट्री में पहुंचते ही उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड छीन लिए जाते थे और उन्हें बंधक बना लिया जाता था। मुक्त कराए गए लोग बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और नेपाल के रहने वाले हैं।

पिटबुल का डर और कोड़ों से पिटाई

मजदूरों ने अपनी आपबीती में बताया कि उन्हें अमानवीय प्रताड़ना दी जाती थी। उन्हें खाने के नाम पर केवल चोकर की सूखी रोटियां दी जाती थीं। फैक्ट्री मालिकों ने मजदूरों पर नजर रखने और उन्हें डराने के लिए खूंखार पिटबुल कुत्ते पाल रखे थे। अगर कोई मजदूर काम करने से मना करता या भागने की कोशिश करता, तो उसे लोहे की गर्म चीजों से दागा जाता और गाड़ी की फैन बेल्ट का इस्तेमाल करके कोड़ों से पीटा जाता था। जांच में सामने आया है कि इन यातनाओं के कारण कई मजदूरों के रिब्स तक टूट चुके हैं।

हत्या का खुलासा और सख्त कार्रवाई

इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। मजदूरों के अनुसार, नवंबर 2025 में उनके एक साथी अर्जुन उर्फ टोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और शव को ठिकाने लगा दिया गया था। पुलिस ने अब इस मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी हैं। इसके अलावा कुल तीन मौतों की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक एसआईटी गठित की गई है। पुलिस ने अब तक शिवा त्यागी और प्रदीप बालियान को गिरफ्तार किया है, जबकि फैक्ट्री संचालक अंकित बालियान की तलाश जारी है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!