बैतूल में जादू-टोने के शक में 12 साल के मासूम की निर्मम हत्या, बोरी में बंद मिला शव मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
बैतूल जिले में अंधविश्वास की बलि चढ़े एक 12 वर्षीय बालक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दो आरोपियों ने बच्चे को अगवा कर लोहे की रॉड और रस्सी से मौत के घाट उतार दिया और शव को नाले में फेंक दिया।

अंधविश्वास का खौफनाक अंत

बैतूल के मुलताई क्षेत्र में अंधविश्वास के चलते एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 12 साल के मासूम अंकुश आहके की जादू-टोने के संदेह में दो लोगों ने मिलकर हत्या कर दी। घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 22 जून को पीड़ित मां संगीता पति सद्दू आहके ने थाने पहुंचकर अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मां ने बताया कि उनका बेटा 20 जून की दोपहर से लापता है। शिकायत में यह भी उल्लेख था कि गांव के ही रहने वाले 18 वर्ष 03 माह के सुदामा पिता मोहन इनवाती ने उसे खेलने के बहाने साथ ले जाने की बात कही थी, जिसके बाद से बच्चे का कोई पता नहीं चला।

जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना प्रभारी विकास पटेल के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर सुदामा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। तकनीकी सबूतों और कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद सुदामा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने 36 वर्षीय साथी राकेश उइके के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। आरोपी राकेश की निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम सालईढाना के जंगल स्थित नाले से बोरी में बंद शव को बरामद कर लिया है।

इस वजह से रची गई साजिश

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें शक था कि पीड़ित बच्चा जादू-टोना करता है। इसी वहम के चलते उन्होंने साजिश रची और अंकुश को घर से बुलाकर ले गए। आरोपियों ने पहले बच्चे पर लोहे की रॉड से हमला किया और फिर रस्सी से गला दबाकर उसकी जान ले ली। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को एक बोरी में भरकर जंगल के नाले में फेंक दिया था। फिलहाल, दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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