हरियाणा
एक दिन पहले
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परिवार का इकलौता सहारा था भविष्य
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में सोनीपत के महिपुर गांव के रहने वाले युवक भविष्य ने अपनी जान गंवा दी। भविष्य अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसने महज 16 दिन पहले ही उस कोचिंग संस्थान में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उसके गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
आखिरी कॉल में कही दिल दहलाने वाली बात
भविष्य 6 जून को घर से लखनऊ के लिए रवाना हुआ था। आग लगने की घटना के दौरान उसने अपनी मां को एक वीडियो कॉल किया था। रोते हुए उसने मां को बताया कि चारों ओर सिर्फ धुआं ही धुआं भरा है। उसने बहुत ही दर्दनाक शब्दों में कहा, शायद अब जिंदा नहीं बचूंगा। इसके तुरंत बाद ही फोन कट गया और परिवार का उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मंगलवार को भविष्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार का कहना है कि भविष्य अपनी बहन की शादी के सपने देख रहा था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। शोकाकुल परिजनों ने मांग की है कि परिवार को आर्थिक मदद दी जाए और भविष्य की बहन या पिता को सरकारी नौकरी मिले। साथ ही, उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
अग्निकांड का आंकड़ा और प्रशासनिक लापरवाही
लखनऊ में हुए इस दुखद अग्निकांड में अब तक कुल 15 छात्रों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि अधिकांश मौतें दम घुटने के कारण हुईं। इस हादसे में कुल 22 बच्चे लाए गए थे, जिनमें से 5 मृत अवस्था में मिले थे। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने सेंटर के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
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