इंदौर: चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर बनाया नीट का फर्जी पेपर, विधि छात्र गिरफ्तार मध्य प्रदेश एक दिन पहले 16
इंदौर पुलिस ने एक ऐसे छात्र को पकड़ा है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नीट का नकली प्रश्नपत्र बनाकर छात्रों को ठग रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाता था।

एआई के जरिए दिया ठगी को अंजाम

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने विधि पाठ्यक्रम के एक छात्र को गिरफ्तार किया है, जिस पर ChatGPT की मदद से नीट-यूजी (NEET-UG) का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करने और उसे असली बताकर छात्रों को बेचने का आरोप है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि आरोपी की पहचान कनाड़िया क्षेत्र के रहने वाले अक्षय मालवीय के रूप में हुई है, जो कानून की पढ़ाई का प्रथम वर्ष का छात्र है।

सोशल मीडिया का किया गलत इस्तेमाल

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाया। वह छात्रों को विश्वास दिलाता था कि उसके पास नीट की परीक्षा का प्रश्नपत्र है। हालांकि, जांच में यह साफ हो गया कि उसके द्वारा बनाया गया प्रश्नपत्र असली परीक्षा से पूरी तरह अलग था। आरोपी ने चैटजीपीटी का सहारा लेकर फर्जी कंटेंट तैयार किया था।

छोटे निवेश के बदले बड़ा धोखा

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस गोरखधंधे के जरिए प्रत्येक व्यक्ति से 100 से 200 रुपये तक की ठगी की है। फिलहाल पुलिस को 25 ऐसे लोगों के सबूत मिले हैं जिनसे मालवीय ने पैसे लिए थे। इस संख्या के जांच के दौरान बढ़ने की पूरी संभावना है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

नीट परीक्षा विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा इस साल काफी विवादों में रही है। मूल रूप से तीन मई को आयोजित परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द करना पड़ा था, जिसके बाद 12 मई को इसे लेकर आधिकारिक फैसला लिया गया। सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस दौरान देश भर में भारी राजनीतिक सरगर्मी रही, जिसके चलते प्रशासन ठगों और फर्जीवाड़ा करने वालों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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