उत्तर प्रदेश: भारतीय शिक्षा बोर्ड के स्कूलों को मिलेगा U-DISE Plus कोड, शिक्षा प्रणाली होगी और मजबूत उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
योगी सरकार ने भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) से जुड़े विद्यालयों को U-DISE Plus प्रणाली से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस कदम से स्कूलों का डेटा राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे में शामिल होगा और प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनेगा।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने और उसे पूरी तरह से तकनीक के अनुकूल बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB), हरिद्वार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को U-DISE Plus पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस नई पहल के माध्यम से राज्य के विद्यालयों को शैक्षणिक रूप से अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।

प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष निर्देश

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे निर्धारित प्रारूप के तहत विद्यालयों के आवेदनों का सत्यापन करें और उनकी संस्तुति समयबद्ध तरीके से पूरी करें।

क्या है U-DISE Plus का लाभ?

U-DISE Plus प्रणाली से विद्यालयों के जुड़ने के बाद कई महत्वपूर्ण लाभ देखने को मिलेंगे:

  • छात्रों का शैक्षणिक डेटा सीधे राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली के साथ जुड़ जाएगा।
  • विद्यालयों के पास यदि कोई कोड नहीं है, तो उन्हें नवीन U-DISE Plus कोड आवंटित किया जाएगा।
  • जिन स्कूलों के पास पहले से कोड मौजूद हैं, उन्हें उनकी मान्यता के अनुसार श्रेणी उन्नयन (स्कूल केटेगरी अपग्रेडेशन) की सुविधा दी जाएगी।
  • नामांकन प्रक्रिया, परीक्षा के रिकॉर्ड और छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।

डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर

राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा प्रबंधन को तकनीक आधारित अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) से लैस करना है। भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के इस प्रणाली में शामिल होने से भविष्य में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनेंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक अभिलेखों और प्रस्तावों के साथ इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करना होगा ताकि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा मिल सके।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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