उपनाम: विदेश नीति
सेशल्स दौरे पर जाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हिंद महासागर में चीन की घेराबंदी पर भारत की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशल्स की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगी।
बदलते वैश्विक समीकरण: डोनाल्ड ट्रंप ने मानी भारत की कूटनीतिक ताकत, ईरान संकट ने बदली अमेरिका की प्राथमिकता
ईरान के साथ सैन्य तनाव के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने न केवल भारत की तटस्थ और संतुलित विदेश नीति की सराहना की है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक रुख को भी परिपक्व बताया है।
भारत के बढ़ते प्रभाव से सहमा अमेरिका? ब्रह्मा चेलानी ने ट्रंप की रणनीति पर उठाए गंभीर सवाल
अमेरिका द्वारा इंडो-पैसिफिक कमांड से 'इंडो' शब्द हटाए जाने पर रणनीतिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी और पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने सवाल खड़े किए हैं। जानकारों के अनुसार ट्रंप चीन से समझौते और पाकिस्तान को तरजीह देकर भारत के दबदबे को रोकना चाहते हैं।
G7 में मोदी की कूटनीति रंग लाई, व्यापार के मोर्चे पर भारत को बड़े बदलाव के संकेत
जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकातों का असर अब आर्थिक मोर्चे पर दिख रहा है। ब्रिटेन के साथ सीईटीए 15 जुलाई 2026 से लागू होगा, जबकि कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ समझौतों की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है।
हमारे हथियारों से कभी यूरोप पर हमला नहीं हुआ, पर हम पर बरसे आपके ही हथियार: जयशंकर का करारा जवाब
फिनलैंड में रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोप को आईना दिखाते हुए कहा कि उपदेश देने से पहले यूरोपीय देशों को अपने रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए।
जयपुर से कम आबादी वाला यह यूरोपीय देश, फिर भी तीन दिन वहां क्यों रहेंगे पीएम मोदी
करीब 55 लाख आबादी वाला स्लोवाकिया भले छोटा हो, लेकिन ऑटो उद्योग, परमाणु ऊर्जा, EU सदस्यता और रक्षा महत्व उसे भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम बनाते हैं। 33 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली स्लोवाकिया यात्रा है।
G7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप की मुलाकात के आसार? तेल, ट्रेड डील समेत इन मुद्दों पर हो सकती है बात
फ्रांस के इवियन में 16 और 17 जून 2026 को होने वाली G7 समिट में पीएम मोदी की शिरकत तय हो गई है, जिससे डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित मुलाकात की चर्चाएं तेज हैं। दोनों नेता मिले तो ट्रेड डील, रूसी तेल और एआई जैसे मुद्दों पर अहम बातचीत हो सकती है।
महज 18 हजार आबादी वाले पलाऊ ने चीन को दी दो टूक, बोला- ताइवान का साथ नहीं छोड़ेंगे
प्रशांत महासागर का छोटा द्वीपीय देश पलाऊ चीन के आर्थिक, राजनीतिक और साइबर दबाव के बावजूद ताइवान के साथ अपने राजनयिक संबंध बनाए रखने पर अडिग है। ताइवान की उपराष्ट्रपति जल्द ही पलाऊ के दौरे पर जाने वाली हैं।