राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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लगातार बैठकों का दौर
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और अधिक गहरा बनाना और वैश्विक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का मिलकर सामना करना था। बैठक के उपरांत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत को अत्यंत सार्थक करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए अमेरिका और भारत की करीबी साझेदारी समय की मांग है। गोर के अनुसार, दोनों देशों के लक्ष्य काफी हद तक समान हैं और आपसी सहयोग का दायरा निरंतर विस्तृत हो रहा है।
विदेश सचिव के साथ चर्चा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मुलाकात करने से ठीक एक दिन पहले सोमवार को सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक के बाद गोर ने विदेश सचिव के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए कहा था कि उनके साथ मिलना हमेशा सुखद अनुभव रहता है। हालांकि इन आधिकारिक बैठकों में हुई बातचीत का विस्तृत विवरण सार्वजनिक तौर पर साझा नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इसमें क्षेत्रीय अस्थिरता, वैश्विक घटनाक्रम और भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई होगी।
रक्षा, व्यापार और खनिज क्षेत्र पर प्राथमिकता
भारत और अमेरिका के बीच चल रही इस उच्च स्तरीय बातचीत का दायरा केवल सुरक्षा व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है। दोनों राष्ट्र रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और दुर्लभ खनिजों जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तत्पर हैं। वर्तमान भू-राजनीतिक स्थितियों, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए दोनों देशों के लिए समन्वय और भी अनिवार्य हो गया है। तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया रक्षा समझौतों के कारण क्षेत्र में जो नए समीकरण बन रहे हैं, उन पर भी वैश्विक स्तर पर चर्चा जारी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन विशिष्ट समझौतों का उल्लेख डोभाल और गोर की बैठक में हुआ या नहीं, लेकिन बदली हुई वैश्विक परिस्थितियों में आपसी तालमेल का महत्व बढ़ गया है।
मोदी और वेंस के बीच संवाद का असर
सर्जियो गोर द्वारा की जा रही ये मुलाकातें ऐसे समय में हो रही हैं जब हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर विस्तृत चर्चा की थी। उस बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे विषयों पर भारत और अमेरिका की वैश्विक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया था। गोर की डोभाल और मिस्री के साथ ये बैठकें उसी राजनयिक संवाद प्रक्रिया का अगला हिस्सा मानी जा रही हैं।
रिश्तों में सुधार की कोशिशें
पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों में कई बार उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। विशेष रूप से अमेरिका की टैरिफ नीतियों, भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों, आव्रजन नीतियों और H-1B वीजा शुल्क जैसे मामलों ने रिश्तों में खटास पैदा करने का काम किया था। मई 2025 के दौरान भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को लेकर अमेरिका की भूमिका के दावों को नई दिल्ली ने सिरे से खारिज किया था। भारत का स्पष्ट मानना था कि तनाव कम करने की प्रक्रिया पूरी तरह से दोनों देशों के बीच हुई सीधी बातचीत का परिणाम थी। हालांकि, इन तमाम मतभेदों के बावजूद पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
व्यापारिक समझौते पर केंद्रित नजर
व्यापारिक मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील प्राथमिकता बनी हुई है। जून में फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने अपने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे जल्द से जल्द एक ऐसे व्यापारिक समझौते की दिशा में काम करें जो संतुलित हो और दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो। इस प्रकार सुरक्षा और व्यापार दोनों ही मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ना अब नई प्राथमिकताओं में शामिल है।
अन्य क्षेत्रों में भी सक्रियता
सर्जियो गोर ने न केवल सरकारी अधिकारियों बल्कि अन्य क्षेत्रों के दिग्गजों के साथ भी संवाद बढ़ाया है। सोमवार को उन्होंने राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा से भेंट की, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका के व्यापारिक निवेश और भविष्य की साझेदारी को लेकर विचार साझा किए। इसके अलावा, गोर ने नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस के साथ भी बैठक की और भारत में नेटफ्लिक्स के सफल दस वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी तथा रचनात्मक सहयोग की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कुल मिलाकर, सर्जियो गोर की यह सक्रियता यह स्पष्ट संकेत देती है कि भारत और अमेरिका अपने संबंधों को एक बार फिर रणनीतिक स्तर पर गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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