मेक्सिको के घने जंगलों में मिली 1000 साल पुरानी माया सभ्यता की गुमनाम नगरी विश्व एक घंटा पहले 2
मेक्सिको के कैम्पेचे जंगलों में पुरातत्वविदों ने एक विशाल प्राचीन शहर खोज निकाला है जो करीब 1000 सालों से दुनिया की नजरों से ओझल था। इस रहस्यमयी स्थान पर पिरामिड और भव्य महलों के अवशेष मिले हैं, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी दंग हैं।

कैम्पेचे के जंगलों में मिला प्राचीन रहस्य

मेक्सिको के घने और दुर्गम जंगलों के बीच से एक ऐसी अद्भुत दुनिया सामने आई है जिसने इतिहास की समझ को ही बदल दिया है। कैम्पेचे के जंगलों में पुरातत्वविदों को एक प्राचीन माया सभ्यता का शहर मिला है, जो करीब 1000 सालों तक घने पेड़ों और झाड़ियों के पीछे छिपा रहा। इस खोज ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है क्योंकि यह स्थान आज भी काफी हद तक सुरक्षित अवस्था में मौजूद है।

कैसे हुई इस खोई हुई दुनिया की पहचान

इस शोध कार्य को स्लोवेनियाई पुरातत्वविद् इवान स्प्राज के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। राष्ट्रीय मानवशास्त्र और इतिहास संस्थान (INAH) की अनुमति मिलने के बाद टीम ने अत्याधुनिक लेजर स्कैनिंग तकनीक और हवाई सर्वेक्षण का सहारा लिया। दुर्गम क्षेत्र तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों ने 5 किलोमीटर लंबा रास्ता साफ किया, जिसके बाद शोधकर्ता पैदल और ऑल-टेरेन वाहनों के जरिए इस स्थान तक पहुंचे। इवान स्प्राज ने इसे अपने करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण खोज बताया है।

नगरी के भीतर छिपे अद्भुत अवशेष

यह नगरी करीब 15 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है। यहां पुरातत्वविदों को कई महत्वपूर्ण संरचनाएं मिली हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • 42 फीट ऊंचा एक पिरामिड मंदिर, जो अब भी अच्छी स्थिति में है।
  • विशाल प्लाजा, टेरेस, महल और जल मार्ग प्रणाली।
  • 15 पत्थर के स्मारक जिन पर विशेष प्रतीक और हाइरोग्लिफिक लिखावट मौजूद है।
  • एक टूटी हुई वेदी पर 7वीं शताब्दी का शिलालेख पाया गया है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्थल प्राचीन काल के लुटेरों से बचा रहा, जबकि उस इलाके के अन्य कई ऐतिहासिक स्थल चोरी और तोड़फोड़ का शिकार हो चुके थे।

माया सभ्यता के इतिहास के लिए क्यों है अहम

इस जगह का नाम मिनानबे रखा गया है और यह चैक्टुन नामक केंद्र के पश्चिम में स्थित है। माया सभ्यता के शहरी नियोजन और धार्मिक जीवन को समझने के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। पुरातत्वविद वितान वुजानोविच का कहना है कि पिछले 3 साल में उन्होंने ऐसी कोई जगह नहीं देखी, जो लूटपाट से पूरी तरह अछूती रही हो। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि यह खोज आने वाले समय में माया सभ्यता के बारे में और भी कई गुप्त जानकारियों को सामने लाएगी। फिलहाल शोधकर्ता इस क्षेत्र के संरक्षण और विस्तृत अध्ययन में जुटे हुए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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