उपनाम: धार्मिक मान्यता
पान के पत्ते, कपूर और घी सहित ये वस्तुएं मानी जाती हैं सर्वश्रेष्ठ दान, हिंदू संस्कृति में बताया गया खास महत्व
हिंदू मान्यताओं में दान को पवित्र कार्य माना गया है, जिससे भगवान की कृपा और आध्यात्मिक पुण्य मिलता है. गर्मियों के मौसम में पान के पत्ते से लेकर कपूर और घी तक कुछ वस्तुओं का दान सबसे श्रेष्ठ बताया गया है.
घर की दहलीज पर बैठना क्यों कहा जाता है अशुभ और वर्जित? कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप
ज्योतिष, वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में घर की चौखट को भगवान नरसिंह और माता लक्ष्मी से जुड़ा पवित्र स्थान माना गया है, यही वजह है कि इस पर बैठने को अशुभ बताकर इसका सम्मान करने की सलाह दी जाती है।
एकादशी पर तुलसी तोड़ना क्यों है वर्जित? जानें शास्त्रों में बताए गए नियम और सही परंपरा
11 जून 2026, गुरुवार को अधिकमास की दुर्लभ परमा एकादशी का व्रत है। इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही क्यों होती है और पूजा के लिए क्या करना चाहिए, जानिए शास्त्रों का विधान।
परम एकादशी पर श्री हरि को अर्पित करें ये प्रिय भोग, खुल जाएंगे सौभाग्य के द्वार
अधिक मास की परम एकादशी 11 जून 2026 को मनाई जाएगी। इस दुर्लभ व्रत पर भगवान विष्णु को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।
अंतिम विदाई से पहले सुहागिन को सिंदूर-चूड़ियां पहनाने की परंपरा क्यों? जानिए मृत महिला को सजाकर विदा करने का धार्मिक कारण
हिंदू धर्म में मृत सुहागिन को अंतिम संस्कार से पूर्व सोलह श्रृंगार से सजाने की परंपरा उसके अखंड सौभाग्य और वैवाहिक पहचान का सम्मान मानी जाती है। यह रिवाज आत्मा की शांति और पुनर्जन्म से जुड़ी मान्यताओं से गहराई से जुड़ा है।
पूजा और मांगलिक कामों में शुभ है 3 का अंक, फिर थाली में तीन रोटी परोसना क्यों कहलाता है अशुभ? जानें कारण
भारतीय परंपरा में तीन का अंक शुभ कार्यों में पवित्र माना जाता है, लेकिन थाली में एक साथ तीन रोटियां परोसना अशुभ क्यों समझा जाता है, इसके पीछे धार्मिक और वास्तु से जुड़ी मान्यताएं हैं।
खाटू श्याम दर्शन: किस दिन बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाना सबसे फलदायी, जानें शुभ तिथियां और मंत्र
मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा खाटू श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों के सारे संकट टल जाते हैं। जानिए दर्शन के लिए कौन-से दिन सबसे शुभ माने गए हैं और कौन-से मंत्रों का जाप शुभ फल देता है।
मृत्यु के बाद जूते-चप्पलों का क्या करें? अनजाने में हो जाती है यह भूल, गरुड़ पुराण में छिपा है इसका उत्तर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवंगत व्यक्ति के जूते-चप्पल पहनना उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुएं जरूरतमंदों को दान करना अधिक शुभ और पुण्यदायी कहा गया है, जिससे आत्मा की शांति की कामना जुड़ी होती है।
गरुड़ पुराण: मृतक के पलंग, कपड़े और बिस्तर को लेकर जान लें ये जरूरी नियम, वरना बढ़ सकती है मुश्किल
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के बाद मृतक के कपड़े, बिस्तर और पलंग को शुद्ध कर दान कर देना शुभ होता है। माना जाता है कि ऐसा करने से आत्मा का सांसारिक मोह घटता है और घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है।
घर में खाटू श्याम जी की तस्वीर लगाने की सही दिशा और नियम, तभी मिलेगी 'हारे के सहारे' की कृपा
खाटू श्याम बाबा की तस्वीर घर में किस दिशा में लगानी चाहिए और किन जगहों पर लगाने से बचना चाहिए, जानिए वास्तु के अनुसार पूजा से जुड़े जरूरी नियम।
खाटू श्यामजी की तस्वीर घर में किस दिशा में लगाएं, पूजा के समय किन नियमों का पालन जरूरी; तभी मिलेगी 'हारे के सहारे' की कृपा
खाटू श्यामजी को 'हारे के सहारे' कहा जाता है और भक्त उन्हें घर में स्थापित कर हर समस्या से मुक्ति की कामना करते हैं। वास्तु के अनुसार सही दिशा में तस्वीर लगाना और पूजा के कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है।
मृत्यु पंचक 2026: आज से लगा अशुभ मृत्यु पंचक, अगले 5 दिनों में भूलकर भी न करें ये काम
6 जून की शाम 7 बजकर 4 मिनट से शुरू हुआ पंचक 11 जून 2026 को समाप्त होगा। शनिवार से आरंभ होने के कारण इसे मृत्यु पंचक कहा जा रहा है, जिसमें कुछ कार्यों को करने की सख्त मनाही मानी जाती है।
भानु सप्तमी 2026: इन 5 कामों से रहें दूर, वरना अधूरा रह जाएगा सूर्य उपासना का पुण्य
साल 2026 में अधिकमास की भानु सप्तमी 7 जून को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य पूजा, दान और मंत्र जाप को शुभ माना गया है, जबकि आलस्य, क्रोध और तामसिक भोजन से बचने की सलाह दी जाती है।
कलावे में क्यों लगाई जाती हैं 3, 5 या 7 गांठें, जानें विषम संख्या से जुड़ी धार्मिक मान्यता
सनातन परंपरा में कलावा या मौली बांधते समय अक्सर 3, 5 या 7 गांठें लगाई जाती हैं। जानिए इन विषम संख्याओं के पीछे छिपी आध्यात्मिक मान्यता और इनका महत्व।
मोबाइल नहीं, सुबह जागते ही हथेली क्यों निहारते हैं ये लोग? महंत ने बताया किस्मत बदलने वाला राज
बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार सुबह उठते ही दोनों हाथ मसलकर हथेलियों का दर्शन करने की परंपरा दिन को शुभ बनाती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा भरती है।