परम एकादशी पर श्री हरि को अर्पित करें ये प्रिय भोग, खुल जाएंगे सौभाग्य के द्वार धर्म 2 घंटे पहले 2
अधिक मास की परम एकादशी 11 जून 2026 को मनाई जाएगी। इस दुर्लभ व्रत पर भगवान विष्णु को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।

परम एकादशी 2026: इस वर्ष अधिक मास की परम एकादशी का व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। यह व्रत बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यह हर 3 साल में सिर्फ एक बार उसी समय आता है जब अधिक मास पड़ता है। यही कारण है कि इस एकादशी की महिमा और भी बढ़ जाती है। परम एकादशी का व्रत अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान नारायण की विधि-विधान से पूजा करने और उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग अर्पित करने से साधक की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं तथा जीवन में अपार सुख और समृद्धि का आगमन होता है। आइए जानते हैं कि इस पावन दिन श्री हरि को किन-किन चीजों का भोग लगाना शुभ रहता है।

परम एकादशी पर भगवान विष्णु को चढ़ाएं ये प्रिय भोग

  1. माखन और मिश्री: एकादशी के दिन भगवान विष्णु को माखन और मिश्री अर्पित करें। ऐसा करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं रहती।

  2. पंचामृत: नारायण को पंचामृत अत्यंत प्रिय है और इसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है। पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और चीनी को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसमें तुलसी का पत्ता डालना कभी न भूलें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी की उपासना पूर्ण नहीं मानी जाती।

  3. खीर: श्री हरि को खीर भी बहुत प्रिय है। चूंकि एकादशी के दिन चावल या उससे बनी वस्तुओं का सेवन वर्जित होता है, इसलिए इस दिन मखाने या साबूदाने की खीर का भोग लगाएं। इससे आर्थिक संकट दूर होता है और धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है।

  4. पीली मिठाइयां और फल: भगवान विष्णु को पीला रंग अति प्रिय है। इस दिन उन्हें बेसन के लड्डू, केला या आम अर्पित करें। ऐसा करने से घर में सदैव सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है।

भोग अर्पित करते समय रखें इन बातों का ध्यान

  • भगवान विष्णु का भोग हमेशा स्वच्छ और शुद्ध बर्तनों में ही तैयार करें तथा बनाते समय पवित्रता और सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • विष्णु जी का भोग पूर्ण रूप से सात्विक होना चाहिए। इसमें प्याज, लहसुन या किसी भी तामसिक पदार्थ का प्रयोग बिल्कुल न करें।
  • हर भोग में तुलसी का पत्ता अवश्य रखें। एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है, इसलिए एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख लें।
  • भोग अर्पित करने के लिए सोने, चांदी, तांबे या पीतल के बर्तनों का उपयोग करें।
  • भोग के लिए प्लास्टिक या कांच के बर्तनों का प्रयोग करने से बचें।
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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