कलावे में क्यों लगाई जाती हैं 3, 5 या 7 गांठें, जानें विषम संख्या से जुड़ी धार्मिक मान्यता धर्म 4 महीने पहले 74
सनातन परंपरा में कलावा या मौली बांधते समय अक्सर 3, 5 या 7 गांठें लगाई जाती हैं। जानिए इन विषम संख्याओं के पीछे छिपी आध्यात्मिक मान्यता और इनका महत्व।

सनातन धर्म में कलावा, जिसे मौली के नाम से भी जाना जाता है, केवल एक साधारण धागा नहीं माना जाता। इसे आस्था और शुभता का प्रतीक समझा जाता है। पूजा-पाठ, यज्ञ और व्रत जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के समय इसे कलाई पर बांधने की परंपरा बहुत पुरानी है। कई लोग बुरी नजर से बचाव के लिए काला धागा भी पहनते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि कलावा बांधते समय प्रायः उसमें 3, 5 या 7 गांठें लगाई जाती हैं। आइए जानते हैं कि विषम संख्या में गांठ लगाने के पीछे कौन-सी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।

काला कलावा पहनने का कारण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काला रंग नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर के प्रभाव को कम करने वाला माना जाता है। यही वजह है कि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को काला धागा या कलावा पहनाने की परंपरा है। ऐसा कहा जाता है कि यह व्यक्ति के चारों ओर सुरक्षा का एक आध्यात्मिक कवच तैयार करता है और नकारात्मक प्रभावों से उसकी रक्षा करता है।

3 गांठों का महत्व

काले कलावे में 3 गांठें लगाने की परंपरा सबसे ज्यादा प्रचलित है। धार्मिक दृष्टिकोण से ये तीन गांठें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि सृष्टि के इन तीनों प्रमुख देवताओं का आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन में संतुलन तथा सुख-शांति बनाए रखने में मददगार होता है। वहीं कुछ परंपराओं में इन तीन गांठों को मन, वचन और कर्म की पवित्रता से भी जोड़ा जाता है।

5 गांठें किसका प्रतीक हैं

ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार पांच गांठें पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनमें पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश शामिल हैं। माना जाता है कि मानव शरीर भी इन्हीं पांच तत्वों से बना है। ऐसे में 5 गांठों वाला कलावा जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और ऊर्जा का प्रतीक बनता है। ग्रह दोष की शांति के लिए भी इसे धारण करने की सलाह दी जाती है।

7 गांठें क्यों मानी जाती हैं शुभ

सनातन धर्म में 7 अंक को बेहद शुभ माना गया है। सात ऋषि, सात लोक, सात समुद्र, सात चक्र और विवाह के सात वचन जैसी अनेक धार्मिक परंपराएं इसके सबसे अच्छे उदाहरण हैं। यही कारण है कि सात गांठों वाला कलावा विशेष शुभता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसे 7 ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़कर देखा जाता है।

विषम संख्या में ही गांठें क्यों

धार्मिक परंपराओं में विषम संख्याओं को शुभता और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। दीपक जलाने, परिक्रमा करने और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भी विषम संख्याओं का विशेष महत्व बताया जाता है। इसी मान्यता के कारण कलावा बांधते समय भी विषम संख्या में ही गांठें लगाई जाती हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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