धर्म
5 घंटे पहले
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विचारों
'हारे का सहारा बाबा खाटू श्याम हमारा...' यह केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि लाखों भक्तों की आस्था का स्वर है। मान्यता है कि जीवन में जब कोई व्यक्ति निराशा, दुख और असफलता से घिर जाता है, तब बाबा खाटू श्याम ही उसके सबसे बड़े रक्षक बनकर सामने आते हैं। यह प्रसिद्ध मंत्र मुसीबत के समय भक्तों को हिम्मत और सहारा देता है। धार्मिक विश्वास है कि जो भी भक्त सच्चे हृदय से बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाता है, उसके सभी संकट दूर हो जाते हैं और उसकी झोली खुशियों से भर जाती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि बाबा के दर्शन के लिए कौन-सा दिन सबसे शुभ माना गया है।
खाटू श्याम के दर्शन के लिए सबसे शुभ दिन
एकादशी तिथि
बाबा श्याम के दर्शन के लिए एकादशी तिथि सबसे अधिक शुभ मानी जाती है। चूंकि बाबा श्याम का सीधा संबंध भगवान कृष्ण से है, इसलिए उन्हें एकादशी तिथि अत्यंत प्रिय है। विशेष रूप से शुक्ल पक्ष की एकादशी, आमलकी एकादशी या देवउठनी एकादशी पर बाबा के दर्शन को अति उत्तम बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन श्याम बाबा के दर्शन करने से सभी प्रकार के पाप धुल जाते हैं।
द्वादशी तिथि
एकादशी के अलावा द्वादशी तिथि को भी बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए बेहद शुभ माना जाता है। जो भक्त एकादशी का व्रत रखते हैं, वे द्वादशी के दिन बाबा के दर्शन करके अपना व्रत खोलते हैं। कहा जाता है कि द्वादशी तिथि पर श्याम बाबा के दर्शन करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
गुरुवार का दिन
बाबा श्याम के दर्शन के लिए गुरुवार का दिन भी अत्यंत उत्तम माना गया है। मान्यता है कि इस दिन खाटू श्याम के दर्शन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और हारे का सहारा बाबा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
खाटू श्याम जी के प्रमुख मंत्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा खाटू श्याम के दर्शन करने के बाद यदि भक्त 108, 51 या केवल 11 बार भी श्याम नाम का जप करता है, तो बाबा उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं।
- ॐ श्याम शरणम ममः
- ॐ खातुनाथाय नमः
- ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुह्र्दयाय नमो नमः।।
- ॐ मोर्वी नंदनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।।
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