उपनाम: शुभ मुहूर्त
सोमवती अमावस्या आज, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का पूरा समय
15 जून 2026 को सोमवार के दिन ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या पड़ रही है, जिसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। जानिए इस दिन का पंचांग, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
आज का पंचांग 14 जून 2026: अधिकमास श्राद्ध अमावस्या और रविवार व्रत पर सूर्य पूजा, जानें दिनभर के मुहूर्त, दिशाशूल और राहुकाल
14 जून 2026 को अधिकमास की श्राद्ध अमावस्या के साथ रविवार व्रत और सूर्य पूजा का संयोग है। जानिए आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल का पूरा ब्योरा।
Vivah Muhurat 2026: 15 जून को अधिकमास की विदाई, सिर्फ 12 दिन गूंजेगी शहनाई, फिर 4 महीने का विराम
इस साल 15 जून को अधिकमास समाप्त होते ही विवाह के मुहूर्त आरंभ हो जाएंगे, लेकिन जून और जुलाई में शादी के लिए केवल 12 ही शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। इसके बाद 25 जुलाई से चार माह तक मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।
आज का पंचांग 13 जून 2026: अधिकमास शिवरात्रि और शनिवार व्रत, 3 शुभ योग, जानें पूजा मुहूर्त, भद्रा, दिशाशूल और राहुकाल का समय
13 जून 2026 को अधिकमास शिवरात्रि के साथ शनिवार व्रत है और दिन में तीन शुभ योग बन रहे हैं। शाम से भद्रा रहेगी, पर इसका वास स्वर्ग में होने से धरती पर कोई अशुभ असर नहीं पड़ेगा।
शुक्र प्रदोष व्रत 2026: 12 जून को रखें यह व्रत, जानें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर 12 जून 2026, शुक्रवार को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। जानिए इस दिन शिव पूजा की सही विधि और प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त।
पंचांग 12 जून 2026: शुक्रवार को अधिक मास का प्रदोष व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल की पूरी जानकारी
12 जून 2026, शुक्रवार को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के साथ शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का सटीक समय।
पुरुषोत्तमी कमला एकादशी व्रत 11 जून गुरुवार को, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी 11 जून गुरुवार को पुरुषोत्तमी कमला एकादशी के रूप में मनाई जाएगी। जानिए इस दिन का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
आज का पंचांग 10 जून 2026: अधिकमास दशमी, बुधवार व्रत और गणेश पूजा, 2 शुभ योग, जानें मुहूर्त, भद्रा, पंचक, राहुकाल व दिशाशूल
10 जून 2026, बुधवार को ज्येष्ठ अधिकमास कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है और बुधवार व्रत के साथ गणेश पूजा होगी। आज पूरे दिन पंचक रहेगा तथा दोपहर बाद से रात तक भद्रा का प्रभाव है, जबकि आयुष्मान् और सौभाग्य दो शुभ योग बन रहे हैं।
Parama Ekadashi 2026: हर 3 साल में आने वाली परम एकादशी कब है, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और विष्णु मंत्र
अधिकमास में पड़ने वाली परम एकादशी का व्रत इस बार 11 जून 2026 को रखा जाएगा। यह एकादशी हर 3 साल में एक बार आती है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
बुधवार को बना सौभाग्य योग और रेवती नक्षत्र का संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल तथा सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
10 जून 2026, बुधवार को भोर 4 बजकर 3 मिनट तक सौभाग्य योग और सुबह 9 बजकर 22 मिनट के बाद रेवती नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जानिए इस दिन का पूरा पंचांग, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी।
पंचांग 9 जून 2026: मंगलवार को रहेगा ज्येष्ठ का छठा बड़ा मंगल, देखें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
9 जून 2026, मंगलवार को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है और इसी दिन ज्येष्ठ माह का छठा बड़ा मंगल (बुढ़वा मंगल) मनाया जाएगा। जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय।
कन्या राशि: आज मिलेगा अधिकारियों का साथ, अभिजीत मुहूर्त में करें शुभ काम, राहुकाल से रहें सतर्क
कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन कारोबार, करियर और परिवार के मोर्चे पर शुभ रहेगा, लेकिन वाणी और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है। जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त।
Panchang 7 June 2026: रविवार को मनेगी भानु सप्तमी, जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
7 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और भानु सप्तमी का पर्व है। जानिए इस रविवार के पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल तथा सूर्योदय-सूर्यास्त का पूरा समय।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026: अधिकमास में कब है यह व्रत? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन की पूरी विधि
ज्येष्ठ अधिकमास की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 8 जून, सोमवार को रखा जाएगा। जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने का सही तरीका।
तीन वर्ष बाद अधिकमास में बना सोमवती अमावस्या का दुर्लभ योग, एक उपाय से दूर होगा पितृ दोष और मिलेगा पुण्य फल
इस बार पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब तीन साल में एक बार आता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण, दान और भगवान शिव की पूजा करने से पितृ दोष में राहत और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।