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एक घंटा पहले
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विचारों
आज शनिवार, 13 जून 2026 को अधिकमास शिवरात्रि और शनिवार व्रत एक साथ पड़ रहे हैं। इस दिन तीन शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे दिन का महत्व और बढ़ जाता है। पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, गर करण और सुकर्मा योग है। दिशाशूल पूर्व दिशा में है और चंद्रमा मेष राशि में स्थित है।
अधिकमास शिवरात्रि की पूजा कैसे करें
अधिकमास शिवरात्रि की पूजा का निशिता मुहूर्त रात 12:01 बजे से 12:41 बजे तक रहेगा। इस विशेष समय में पूजा-अर्चना और मंत्र सिद्धि की जाती है। हालांकि भक्त चाहें तो सूर्योदय के साथ ही शिवरात्रि की पूजा शुरू कर सकते हैं। बेलपत्र, भांग, धतूरा, गंगाजल, दूध, दही, अक्षत, चंदन, फूल, माला, फल और नैवेद्य आदि अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करें। 'ओम नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें, शिवरात्रि व्रत कथा सुनें और अंत में आरती के साथ पूजा का समापन करें।
शनिवार व्रत और शनिदेव की उपासना
जो लोग शनिवार का व्रत रख रहे हैं, वे शनिदेव की पूजा करें। उन्हें नीले फूल, काले तिल, शमी के पत्ते, धूप, दीप और काला गुलाब जामुन आदि चढ़ाएं। शनि चालीसा का पाठ करें और शनिवार व्रत कथा का श्रवण करें। इस दिन कंबल, काला छाता, नीले वस्त्र, सरसों का तेल, काली उड़द, लोहा, जूता और चप्पल आदि का दान करना शुभ माना गया है। ऐसा करने से शनि दोष दूर होता है तथा साढ़ेसाती और ढैय्या का दुष्प्रभाव समाप्त होता है।
भद्रा का प्रभाव
आज भद्रा भी लग रही है, लेकिन इसका वास स्वर्ग में है। इस कारण धरती पर इसका कोई अशुभ असर नहीं पड़ेगा और आप शुभ कार्य निर्बाध रूप से कर सकते हैं।
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
- तिथि: त्रयोदशी – शाम 04:07 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
- नक्षत्र: कृत्तिका – 14 जून रात 01:16 बजे तक, उसके बाद रोहिणी
- करण: गर – सुबह 05:55 बजे तक, वणिज – शाम 04:07 बजे तक, विष्टि – 14 जून रात 02:15 बजे तक, उसके बाद शकुनि
- योग: सुकर्मा – शाम 05:28 बजे तक, उसके बाद धृति
- पक्ष: कृष्ण
- दिन: शनिवार
- चंद्र राशि: मेष – सुबह 09:25 बजे तक, फिर वृषभ
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त
- सूर्योदय: सुबह 05:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 07:20 बजे
- चंद्रोदय: 14 जून सुबह 04:08 बजे
- चंद्रास्त: शाम 05:31 बजे
आज के शुभ मुहूर्त और योग
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से 04:43 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:49 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 से 03:37 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:09 से 14 जून रात 12:34 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 14 जून रात 12:01 से 12:41 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 14 जून रात 01:16 से सुबह 05:23 बजे तक
- अमृत सिद्धि योग: 14 जून रात 01:16 से सुबह 05:23 बजे तक
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- शुभ-उत्तम: सुबह 07:07 से 08:52 बजे तक
- चर-सामान्य: दोपहर 12:21 से 02:06 बजे तक
- लाभ-उन्नति: दोपहर 02:06 से 03:50 बजे तक
- अमृत-सर्वोत्तम: दोपहर 03:50 से शाम 05:35 बजे तक
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ-उन्नति: शाम 07:20 से 08:35 बजे तक
- शुभ-उत्तम: रात 09:51 से 11:06 बजे तक
- अमृत-सर्वोत्तम: रात 11:06 से 14 जून रात 12:21 बजे तक
- चर-सामान्य: 14 जून रात 12:21 से 01:37 बजे तक
- लाभ-उन्नति: 14 जून सुबह 04:07 से 05:23 बजे तक
आज के अशुभ समय
- गुलिक काल: सुबह 05:23 से 07:07 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 05:23 से 06:19 बजे तक और 06:19 से 07:14 बजे तक
- राहुकाल: सुबह 08:52 से 10:37 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 02:06 से 03:50 बजे तक
- भद्रा: शाम 04:07 से 14 जून रात 02:15 बजे तक
- भद्रा का वास: स्वर्ग में
- दिशाशूल: पूर्व
शिववास
आज शिववास भोजन में शाम 04:07 बजे तक रहेगा, इसके बाद शिववास श्मशान में रहेगा।
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