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2 घंटे पहले
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लंबे इंतजार के बाद विवाह की शहनाइयां फिर से गूंजने वाली हैं। अधिकमास का समापन 15 जून को हो रहा है और इसके साथ ही शुभ विवाह के मुहूर्त मिलने लगेंगे। हालांकि इस बार राहत बहुत थोड़े समय के लिए है, क्योंकि जून और जुलाई में शादी के लिए केवल 12 ही मुहूर्त हैं। इसके बाद चार माह के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
15 जून को क्यों समाप्त हो रहा अधिकमास
अधिकमास का समापन 15 जून को हो रहा है और उसी दिन अधिकमास की अमावस्या भी है। आमतौर पर किसी महीने का अंत अमावस्या को नहीं होता, इसलिए यह सवाल स्वाभाविक है कि अधिकमास अमावस्या को क्यों खत्म हो रहा है। दरअसल अधिकमास शुक्ल पक्ष से शुरू होकर कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर समाप्त होता है। यह विशेष मास हर 3 साल में एक बार आता है और इसके बीतते ही विवाह के मुहूर्त आरंभ हो जाते हैं।
अधिकमास का समापन और ज्येष्ठ माह की शुरुआत
2026 पंचांग के अनुसार, अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12:19 पीएम से प्रारंभ होकर 15 जून को सुबह 08:23 एएम तक रहेगी। चूंकि अमावस्या का सूर्योदय 15 जून को होगा, इसलिए अधिकमास अमावस्या 15 जून को मानी जाएगी। इसी दिन अधिकमास का समापन होगा और 16 जून से ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की शुरुआत होगी।
जून-जुलाई 2026 के विवाह मुहूर्त
15 जून को मलमास यानी अधिकमास के समाप्त होने के बाद शादी का पहला मुहूर्त 21 जून को है। जून में विवाह के लिए कुल 8 मुहूर्त हैं, जबकि जुलाई में केवल 4 दिन ही शहनाई बजेगी।
जून के विवाह मुहूर्त
- 21 जून, रविवार: मुहूर्त 09:31 एएम से 11:21 एएम, नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी, तिथि ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी।
- 22 जून, सोमवार: मुहूर्त 10:31 एएम से 23 जून को 05:24 एएम तक, नक्षत्र हस्त, तिथि अष्टमी एवं नवमी।
- 23 जून, मंगलवार: मुहूर्त 05:24 एएम से 10:13 एएम, नक्षत्र हस्त, तिथि नवमी।
- 24 जून, बुधवार: मुहूर्त 01:59 पीएम से 25 जून को 05:25 एएम तक, नक्षत्र स्वाति, तिथि दशमी एवं एकादशी।
- 25 जून, बृहस्पतिवार: मुहूर्त 05:25 एएम से 07:08 एएम तक, नक्षत्र स्वाति, तिथि एकादशी।
- 26 जून, शुक्रवार: मुहूर्त 07:16 पीएम से 27 जून को 05:25 एएम तक, नक्षत्र अनुराधा, तिथि द्वादशी एवं त्रयोदशी।
- 27 जून, शनिवार: मुहूर्त 05:25 एएम से 10:11 पीएम, नक्षत्र अनुराधा, तिथि त्रयोदशी।
- 29 जून, सोमवार: मुहूर्त 04:16 पीएम से 30 जून को 04:03 एएम तक, नक्षत्र मूल, तिथि पूर्णिमा।
जुलाई के विवाह मुहूर्त
- 1 जुलाई, बुधवार: मुहूर्त 06:51 एएम से 04:04 पीएम, नक्षत्र उत्तराषाढा, तिथि द्वितीया।
- 6 जुलाई, सोमवार: मुहूर्त 01:41 एएम से 7 जुलाई को 05:29 एएम तक, नक्षत्र उत्तर भाद्रपद, तिथि सप्तमी।
- 7 जुलाई, मंगलवार: मुहूर्त 05:29 एएम से 02:31 पीएम तक, नक्षत्र उत्तर भाद्रपद, तिथि सप्तमी एवं अष्टमी।
- 11 जुलाई, शनिवार: मुहूर्त 12:05 एएम से 12 जुलाई को 05:32 एएम तक, नक्षत्र रोहिणी, तिथि द्वादशी एवं त्रयोदशी।
25 जुलाई से चार माह के लिए लगेगी रोक
25 जुलाई से चातुर्मास का प्रारंभ हो रहा है और इसी दिन से शादियों पर रोक लग जाएगी। मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं, इसी कारण इस अवधि में विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य संपन्न नहीं किए जाते।
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