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एक घंटा पहले
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12 जून 2026 को अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के साथ शुक्रवार का दिन पड़ रहा है। इस दिन द्वादशी तिथि शाम 7 बजकर 37 मिनट तक प्रभावी रहेगी। वहीं भरणी नक्षत्र पूरे दिन और पूरी रात बीतने के बाद भोर 4 बजकर 6 मिनट तक बना रहेगा। इसके साथ ही शुक्रवार को प्रदोष का व्रत भी रखा जाएगा। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं इस दिन का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त तथा सूर्योदय और सूर्यास्त का समय।
प्रदोष व्रत का महत्व
हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष, दोनों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। सप्ताह के जिस दिन यह व्रत आता है, उसी के अनुसार इसका नाम तय होता है। उदाहरण के लिए, सोमवार को पड़ने वाला व्रत सोम प्रदोष और मंगलवार को पड़ने वाला व्रत भौम प्रदोष कहलाता है। इसी क्रम में शुक्रवार को पड़ने वाले इस प्रदोष को शुक्र प्रदोष कहा जाएगा। मान्यता है कि जो व्यक्ति प्रदोष व्रत रखता है, उसकी सभी समस्याओं का हल निकलता है और उसे अनेक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है।
12 जून 2026 का पंचांग
- अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि- 12 जून 2026 को शाम 7 बजकर 37 मिनट तक
- भरणी नक्षत्र- 12 जून 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 6 मिनट तक
- 12 जून 2026 विशेष- प्रदोष व्रत
12 जून 2026 का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:35 ए एम से 05:17 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:12 पी एम से 01:05 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:51 पी एम से 03:44 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 07:15 पी एम से 07:37 पी एम
- सर्वार्थ सिद्धि योग- 06:00 ए एम से 06:28 ए एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- सुबह 10:36 - 12:21 PM
- मुंबई- सुबह 10:59 - 12:39 PM
- चंडीगढ़- सुबह 10:37 - 12:23 PM
- लखनऊ- सुबह 10:23 - 12:06 PM
- भोपाल- सुबह 10:38 - 12:20 PM
- कोलकाता- सुबह 09:55 - 11:36 AM
- अहमदाबाद- सुबह 10:58 - 12:39 PM
- चेन्नई- सुबह 10:32 - 12:09 PM
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 5:22 बजे
- सूर्यास्त- शाम 7:18 बजे
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