झारखंड: टीपीसी टेरर फंडिंग और वसूली मामले में 12 दोषियों को अदालत ने सुनाई सजा झारखंड एक घंटा पहले 3
रांची की विशेष एनआईए अदालत ने टीपीसी के लिए लेवी वसूलने वाले 12 दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला चतरा जिले के कोयला खनन क्षेत्र में जबरन वसूली से जुड़ा है।

कोयला क्षेत्र में वसूली पर अदालत का कड़ा फैसला

झारखंड के अमरपाली और मगध कोयला खनन इलाकों में सक्रिय प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति समिति यानी टीपीसी के लिए अवैध तरीके से फंड जुटाने और लेवी वसूलने के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में कुल 12 दोषियों को सजा सुनाई है। यह पूरा मामला चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ लंबे समय से कोयला ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों को धमकाकर वसूली का खेल चल रहा था।

किस दोषी को कितनी सजा मिली

रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने दोषियों के अपराध की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग अवधि की सजा का ऐलान किया है। अदालत के फैसले के अनुसार:

  • 5 दोषियों को 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी गई है।
  • 6 दोषियों को 8 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
  • 1 दोषी को 5 साल के कठोर कारावास की सजा मिली है।

गौरतलब है कि यह मामला एनआईए के दिल्ली मुख्यालय से संचालित हो रहा था, जिसकी जांच काफी विस्तृत रही है।

क्या था पूरा मामला और साजिश

एनआईए की जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि प्रतिबंधित संगठन टीपीसी के सदस्य और उनके कैडर, जिनमें से कुछ सशस्त्र लोग सीपीआई माओइस्ट से भी जुड़े थे, एक सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत काम कर रहे थे। इस नेटवर्क में स्थानीय समितियां, कई प्रभावशाली कारोबारी, ट्रांसपोर्टर और कुछ अधिकारी भी शामिल थे। इस पूरे गिरोह का मुख्य उद्देश्य अमरपाली-मगध कोयला क्षेत्रों से कोयले के खनन और उसके परिवहन के बदले में जबरन लेवी वसूलना था। इसी उगाही गई रकम का इस्तेमाल टीपीसी संगठन को मजबूत करने और टेरर फंडिंग के लिए किया जा रहा था।

कानूनी प्रक्रिया और चार्जशीट

इस पूरे मामले में एनआईए ने कुल 21 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी ने दो चरणों में चार्जशीट पेश की थी। पहली चार्जशीट 22 दिसंबर 2018 को 16 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी, जबकि दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 10 जनवरी 2020 को 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ पेश की गई थी। मामले का ट्रायल 13 आरोपियों के खिलाफ चलाया गया, जिसके दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 119 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद 12 अगस्त 2026 को अदालत ने 12 आरोपियों को आईपीसी और यूएपीए की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया, जबकि एक आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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