झारखंड
4 घंटे पहले
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रांची में एटीएम ठगी का बढ़ता खतरा
झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों एटीएम फ्रॉड करने वाले शातिर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में आम लोग अपनी मेहनत की कमाई से हाथ धो रहे हैं। अपराधी इतने शातिर हो गए हैं कि वे एटीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ कर लोगों को अपने झांसे में ले रहे हैं। कांके और नामकुम जैसे इलाकों में ऐसी कई वारदातें सामने आई हैं। सीसीटीवी कैमरों में इन ठगों की संदिग्ध गतिविधियां साफ देखी जा सकती हैं, जहां वे एटीएम के अंदर कार्ड फंसाकर लोगों को लूटने का काम कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और जनता को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी है।
एटीएम फ्रॉड के शिकार हुए लोग
शहर में ठगी के ऐसे कई मामले रिपोर्ट किए गए हैं जिन्होंने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। पीएनबी के एक एटीएम में कलाम अंसारी नामक व्यक्ति का कार्ड फंस गया, जिसके तुरंत बाद अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और उनके खाते से ढाई लाख रुपये उड़ा लिए। इसी तरह, एक अन्य घटना में लाल धनंजयनाथ शाहदेव के साथ धोखाधड़ी हुई, जहां उनका एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से 45 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। ये घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि अपराधी किसी भी तरह से मौका ताक रहे हैं।
कैसे काम करता है ठगों का गिरोह
पुलिस सूत्रों की मानें तो इन वारदातों के पीछे बिहार के गया और नवादा के अपराधी गिरोहों का हाथ होने का संदेह है। इनके सदस्य एटीएम के आसपास घात लगाए बैठे रहते हैं और मशीन के साथ तकनीकी छेड़छाड़ करते हैं। जब किसी ग्राहक का कार्ड अंदर फंस जाता है, तो ये अपराधी मदद के बहाने पास आते हैं। वे एटीएम केबिन में चिपकाए गए फर्जी नंबरों पर कॉल करने की सलाह देते हैं। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति उस फर्जी नंबर पर बात करता है, उसे कांके पुल जैसी जगहों पर बुलाकर उलझा दिया जाता है। इसी दौरान पीछे से दूसरा अपराधी खाते से सारी नकदी निकाल लेता है।
साइबर पुलिस की चेतावनी और सुझाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल के डीएसपी प्रदीप कुमार ने आम लोगों को अलर्ट रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि लोग अपनी थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी मुसीबत मोल ले रहे हैं। डीएसपी के अनुसार, अगर आपका कार्ड कभी भी एटीएम में फंस जाए, तो घबराएं नहीं और वहां मौजूद किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने की गलती न करें। एटीएम केबिन में लिखे गए किसी भी अनधिकृत नंबर पर कॉल करना सबसे बड़ी भूल हो सकती है।
एटीएम इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- सुरक्षा गार्ड की उपस्थिति: हमेशा उन एटीएम का इस्तेमाल करने की कोशिश करें जहां सुरक्षा गार्ड मौजूद हो। सुनसान और बिना गार्ड वाले एटीएम में जाने से बचें।
- अपरिचितों से दूरी: एटीएम के अंदर कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को न आने दें। यदि कोई व्यक्ति बिना कारण आपके साथ अंदर खड़ा है, तो वहां से निकल जाएं।
- कार्ड की सुरक्षा: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड न दें और न ही अपना पिन नंबर साझा करें।
- फर्जी नंबरों से सावधान: एटीएम में चिपके किसी भी अनजान फोन नंबर पर कॉल न करें। कार्ड फंसने की स्थिति में केवल बैंक के आधिकारिक हेल्पडेस्क नंबर या फिर डायल 112 पर ही कॉल करें।
- मशीन की जांच: कार्ड डालने से पहले एटीएम स्लॉट को ध्यान से देखें कि कहीं वहां कोई स्कीमिंग डिवाइस या कोई चिपचिपा पदार्थ तो नहीं लगा है।
- धोखाधड़ी पर कार्रवाई: यदि आपका कार्ड वहां से बदल दिया गया है या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और कार्ड को ब्लॉक करवाएं।
रांची पुलिस का स्पष्ट कहना है कि सावधानी ही इस धोखाधड़ी से बचने का एकमात्र उपाय है। अपराधी हमेशा ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं जहां ग्राहक किसी तकनीकी समस्या में फंसा हो। इसलिए, किसी भी व्यक्ति की बातों में आकर अपने खाते का विवरण साझा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदेहजनक स्थिति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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