रांची में छात्र आंदोलन का सुखद अंत, जटाओं पर अबीर लगाकर समर्थकों संग झूम उठे देवेंद्र महतो राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 25 दिनों से जारी छात्र आंदोलन अपनी मांगों के पूरा होने के बाद समाप्त हो गया है। इस दौरान 16 दिनों तक अनशन करने वाले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आभार यात्रा में हिस्सा लेकर अपनी जीत का जश्न मनाया।

रांची में आंदोलन का समापन और जीत का जश्न

झारखंड की राजधानी रांची में बीते काफी समय से चल रहा छात्रों का बड़ा आंदोलन अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन आज एक आभार यात्रा के साथ संपन्न हुआ। इस आंदोलन के सबसे चर्चित और प्रमुख चेहरे रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जब अनशन खत्म करके अपने समर्थकों के बीच पहुंचे, तो नजारा देखने लायक था। उनकी जटाओं पर अबीर लगा हुआ था और चेहरे पर एक बड़ी जीत की खुशी साफ झलक रही थी। वे अपने साथी छात्रों के साथ जमकर झूमते हुए दिखाई दिए। देवेंद्र महतो ने छात्रों की मांगों को लेकर लगातार 16 दिनों तक कड़ा अनशन किया था, जिसके बाद सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों को मान लिया है।

आभार यात्रा और छात्रों का जोश

छात्रों की ओर से आयोजित यह आभार यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रसिद्ध अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा छात्रों की मांगों को स्वीकार करने के बाद उनके प्रति आभार जताना था। गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने दो दिन पहले ही प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया था, जिसमें जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने जैसा बड़ा फैसला भी शामिल है। आंदोलन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो लगातार छात्रों की आवाज को मजबूती से बुलंद करते रहे। उनकी 16 दिनों की भूख हड़ताल इस पूरे आंदोलन का केंद्र बिंदु बनी रही।

छात्र नेता ने दी सीधी चेतावनी

आंदोलन खत्म होने के बावजूद देवेंद्र महतो के तेवर काफी सख्त नजर आए। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि झारखंड में अब पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया में हो रही किसी भी तरह की धांधली के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। देवेंद्र महतो ने कहा कि राज्य में लॉबिंग को भी बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह बिरसा मुंडा, फूलो-झानो और चांद-भैरव की पावन धरती है और यह संघर्ष की भूमि है। उन्होंने शिक्षा माफिया को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया।

आगे की राह और सरकार के लिए चुनौती

हालांकि छात्रों का धरना प्रदर्शन फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन छात्र नेताओं ने सरकार को एक स्पष्ट संदेश भी दिया है। नेताओं के मुताबिक, यह आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि एक पड़ाव पर रुका है। छात्र नेताओं ने सरकार को अपनी मांगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए 2 महीने का समय दिया है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों को पूरा करने के लिए व्यावहारिक कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र दोबारा आंदोलन की राह पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।

सरकार के सामने बड़ी परीक्षा

करीब 25 दिनों तक चला यह धरना भले ही आज आभार यात्रा के साथ समाप्त हो गया हो, लेकिन सरकार के सामने अब अगले 2 महीने की बड़ी चुनौती खड़ी है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी बातें मानी जाती हैं तो स्थिति सामान्य रहेगी, अन्यथा दो महीने बाद छात्र फिर से सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। फिलहाल रांची में आंदोलन के थमने से छात्रों ने राहत की सांस ली है, लेकिन सरकार के रुख पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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