BIT Mesra में PhD करने का सुनहरा मौका: JRF के बिना भी मिलेगी 25,000 रुपये की मासिक स्कॉलरशिप करियर एक घंटा पहले 4
रांची स्थित बीआईटी मेसरा संस्थान पीएचडी करने वाले छात्रों को आर्थिक मदद के रूप में हर महीने 25,000 रुपये की छात्रवृत्ति दे रहा है। यह सुविधा उन शोधार्थियों के लिए है जिन्होंने JRF परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।

पीएचडी करने वाले शोधार्थियों के लिए बड़ी राहत

झारखंड की राजधानी रांची में स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान बीआईटी मेसरा उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है जो पीएचडी करना चाहते हैं। अब छात्रों को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि उनका JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) निकला है या नहीं। संस्थान ने पीएचडी करने वाले उन सभी छात्रों को 25,000 रुपये प्रति माह की स्कॉलरशिप देने का निर्णय लिया है, जिनका JRF नहीं निकला है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा और शोध कार्यों के लिए जरूरी आर्थिक संबल प्रदान करना है।

विभिन्न विषयों में शोध के अवसर

बीआईटी मेसरा में छात्रों के पास विभिन्न अत्याधुनिक क्षेत्रों में शोध करने का विकल्प मौजूद है। छात्र ह्यूमैनिटीज विभाग के अंतर्गत समाजशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों में पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, संस्थान में रिमोट सेंसिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी शोध की सुविधा उपलब्ध है। संस्थान के पीआरओ मुकुल के अनुसार, उनके पास देश का पहला स्पेस टेक्नोलॉजी विभाग है, जहां पहले भी चंद्रयान-2 जैसे महत्वपूर्ण मिशनों पर शोध कार्य किए जा चुके हैं।

स्कॉलरशिप और प्रवेश के नियम

संस्थान की ओर से मिलने वाली यह वित्तीय सहायता छात्रों को कुल 3 साल की अवधि तक प्रदान की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया की बात करें तो, यदि किसी छात्र ने UGC NET की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, तो भी वह इस स्कॉलरशिप का लाभ ले सकता है। ऐसे छात्रों को संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष प्रवेश परीक्षा में शामिल होकर उसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। एक बार यह परीक्षा पास करने के बाद, छात्रों को हर महीने 25,000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलनी शुरू हो जाएगी, जिससे उनका शैक्षणिक खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा।

कैंपस का माहौल और अन्य सुविधाएं

बीआईटी मेसरा का कैंपस न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह प्राकृतिक सुंदरता से भी ओत-प्रोत है। यह वातावरण छात्रों को शोध और अध्ययन के लिए एक बेहद शांत और प्रेरणादायक माहौल प्रदान करता है। कैंपस में छात्रों के लिए हॉस्टल की भी पुख्ता व्यवस्था है, जहां लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग रहने की सुविधा उपलब्ध है। यहाँ से पीएचडी पूरी करने के बाद छात्रों के पास IIT और ISM जैसे देश के शीर्ष संस्थानों में अध्यापन का कार्य करने के बेहतरीन अवसर भी खुल जाते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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