उपनाम: पशुपालन
बत्तख पालन से सालाना 50 लाख की कमाई, बिहार के आर्यन ने बताया अंडे और मांस में क्या है ज्यादा फायदेमंद
पश्चिमी चंपारण के युवा बत्तख पालक आर्यन ने अपने कारोबार को 50 लाख सालाना टर्नओवर तक पहुँचाया है। उनका कहना है कि मांस के बजाय अंडों का उत्पादन करना कहीं अधिक मुनाफे का सौदा है।
देवघर में दुधारू पशुओं पर मंडराया थनैला बीमारी का खतरा, पशु मित्र से जानें लक्षण और असरदार घरेलू उपचार
देवघर के दुधारू मवेशियों में थनैला बीमारी के बढ़ते मामलों ने पशुपालकों की परेशानी बढ़ा दी है। पशु मित्र जयकांत राय ने समय पर लक्षणों की पहचान, पशुशाला में स्वच्छता और कारगर देशी नुस्खों के जरिए इस संक्रमण से बचाव के तरीके साझा किए हैं।
बकरी पालन: जमुनापारी या बरबरी? जानें यूपी के पशुपालकों के लिए कौन सी नस्ल देगी बंपर दूध और ज्यादा मुनाफा
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बकरी पालन मुनाफे का एक शानदार जरिया बन रहा है। जानिए जमुनापारी और बरबरी नस्ल की बकरियों की खासियतें, जो दूध और मांस दोनों से कराएंगी बंपर कमाई।
जहानाबाद के दो भाइयों की अनोखी कामयाबी: 1971 में 3 रुपये किलो दूध बेचने से की थी शुरुआत, आज 32 पशुओं से हर महीने कमा रहे 1 लाख से अधिक
बिहार के जहानाबाद में दो भाइयों ने मात्र 2 पशुओं से डेयरी फार्मिंग की शुरुआत की थी। आज उनके पास 32 उन्नत नस्ल के पशु हैं और वे हर महीने बंपर मुनाफा कमा रहे हैं।
डेयरी फार्मिंग में कैसे पाएं सफलता, कितनी गायों से शुरू करें काम और कौन सी नस्ल है सबसे मुनाफेदार
आजकल युवाओं में डेयरी फार्मिंग को लेकर काफी उत्साह है, लेकिन इसे मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सही नस्ल का चुनाव और शुरुआत का तरीका जानना बेहद जरूरी है। अनुभवी किसान अनिल शर्मा से जानिए इस व्यवसाय को सफल बनाने के टिप्स।
डेयरी फार्मिंग में सफल होना है? गाय की सही नस्ल के चुनाव में न करें ये बड़ी भूल
डेयरी व्यवसाय की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए सही नस्ल का चुनाव मुनाफे की पहली सीढ़ी है। विशेषज्ञों और सफल किसानों की सलाह है कि शुरुआत में मिक्स ब्रीड से काम शुरू करना अधिक सुरक्षित और किफायती होता है।
करिस बाबा का मेला: पशुओं के रक्षक देवता के दरबार में उमड़ रही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़
राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित जहाज गांव में पशुपालकों के आराध्य देव करिस बाबा का वार्षिक मेला बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पड़ोसी राज्यों से भी भक्त शामिल हो रहे हैं।
पशुपालकों के लिए वरदान है नेपियर घास, गन्ने जैसी खेती से सालभर मिलेगा हरा चारा और बढ़ेगा दूध
छपरा के एक किसान ने नेपियर घास की खेती अपनाकर न केवल पशुओं के चारे का खर्च घटाया है, बल्कि दुधारू गायों के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।
बागेश्वर: प्रेमा कोरंगा की डेयरी ने बदली पशुपालकों की तकदीर, हर महीने हो रही एक लाख रुपये से अधिक की कमाई
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक स्थानीय डेयरी उद्यम ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक संबल बन गया है, जहाँ दूध की नियमित बिक्री से किसानों को हर महीने लाखों की आय सुनिश्चित हो रही है।
बरसीम की खेती: एक बार लगाएं, 6 बार काटें, पशुओं को मिलेगा सुपर फूड और खेत बनेगा उपजाऊ
किसान भाई अब बरसीम की खेती से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, क्योंकि यह फसल पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाती है।
नानी का तोहफा बना कामयाबी की कुंजी: दो भैंसों से शुरू की डेयरी, आज बन गए सफल उद्यमी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक पशुपालक ने अपनी नानी से मिली दो भैंसों के साथ डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज मेहनत के दम पर एक सफल व्यापार बन चुका है।
पशुपालकों के लिए बड़ी खबर: खुरहा-मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए विभाग चला रहा मुफ्त टीकाकरण अभियान
सीतामढ़ी समेत पूरे बिहार में मवेशियों को खुरहा-मुंहपका रोग से सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग निशुल्क टीकाकरण अभियान चला रहा है, जिसमें पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी: 'महाकौशली गाय' को मिला राष्ट्रीय स्तर पर अनूठा दर्जा, जानिए इस खास नस्ल की विशेषताएं
जबलपुर के वेटरनरी वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों के बाद 'महाकौशली गाय' को देश की 57वीं और मध्य प्रदेश की पांचवीं पंजीकृत देसी नस्ल का आधिकारिक दर्जा मिल गया है। यह गाय कम खर्चे में जंगलों में चरकर अपना पेट भरने के लिए जानी जाती है।
मानसून में मुर्गियों को 'रानीखेत' और अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने के 5 कारगर तरीके
बरसात के मौसम में नमी और गंदगी के कारण मुर्गियों में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। पॉल्ट्री फार्म को सूखा रखने और उचित टीकाकरण के जरिए आप अपने पूरे झुंड को रानीखेत जैसी जानलेवा बीमारियों से बचा सकते हैं।
बकरी पालन से होगी मोटी कमाई, सरकार की इस विशेष योजना से यूनिट लगाने पर मिलेगी भारी सब्सिडी
राजस्थान के जनजाति क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत सिरोही नस्ल की बकरियों के पालन पर आर्थिक मदद और अनुदान दे रही है।