उपनाम: पूर्णिया
पक्का घर हो या फूस की झोपड़ी, सभी पात्र बीपीएल परिवारों को मिलेगा मुफ्त सोलर सिस्टम
बिहार सरकार राज्य के 50 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों को मुफ्त सोलर सिस्टम देने की तैयारी में है। घर पक्का हो, कच्चा हो या फूस का, सभी पात्र परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
कभी ठेले पर बांस का सामान बेचते थे, अब 3 करोड़ का कारोबार—पूर्णिया के मां-बेटे की अनूठी दास्तां
पूर्णिया की आशा अनुरागिनी और उनके बेटे सत्यम सुंदरम ने महज 15 हजार रुपये से बांस के पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का कारोबार शुरू किया और आज उनका सालाना टर्नओवर करीब 3 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
पूर्णिया: झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से मासूम की मौत, आरोपी फरार
पूर्णिया में पांव में कील गड़ने से सूजन के बाद झोलाछाप डॉक्टर धीरज मेहता का इंजेक्शन लगवाते ही एक बच्चा बेहोश हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने चंपानगर थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
पूर्णिया के प्रमुख चौराहों पर 15 दिन से ठप ट्रैफिक सिग्नल, खतरों के बीच गुजर रहे राहगीर
पूर्णिया के आर एन साह चौक और नेवालाल चौक पर पिछले 15 दिनों से ट्रैफिक सिग्नल खराब हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। नगर आयुक्त कुमार मंगलम ने जल्द मरम्मत का भरोसा दिलाया है।
पूर्णिया का काली पोखर मंदिर: रहस्य और आस्था का संगम, महाभारत काल से जुड़ी अनोखी कहानी
पूर्णिया जिले के कस्बा प्रखंड के बरेटा में स्थित काली पोखर वन देवी मंदिर में करीब 250 साल पुराना पीपल और वट का जुड़ा हुआ पेड़ है। मान्यता है कि अज्ञातवास पर जाने से पहले पांडवों ने यहीं अपने अस्त्र-शस्त्र छिपाए थे।
पूर्णिया का फॉरस्टार: कभी बिहार का सबसे बड़ा सिनेमा हॉल, आज सिर्फ यादों में जिंदा
पूर्णिया का फॉरस्टार सिनेमा कभी बिहार का सबसे बड़ा परदे वाला सिनेमाघर था, जो 1990 के दशक में कोसी-सीमांचल समेत पूरे राज्य में मशहूर रहा। आज यह इमारत नहीं रही, पर इससे जुड़ी यादें लोगों के दिलों में आज भी ताजा हैं।
रॉन्ग नंबर की कॉल बनी प्यार की वजह, पांच बच्चों की मां पति को छोड़कर 21 साल छोटे युवक संग पहुंची शादी के मंडप तक
बिहार के जमुई में 19 वर्षीय युवक ने पूर्णिया की रहने वाली पांच बच्चों की 40 वर्षीय मां से कोलकाता में शादी कर ली। दोनों की मुलाकात रॉन्ग नंबर कॉल से शुरू हुई थी और अब वे साथ रहने की इच्छा जता रहे हैं।
मिथिला की सदियों पुरानी वंशावली परंपरा को सहेज रहे पूर्णिया के विद्यानंद झा, जिनमें दर्ज है पूरा इतिहास
पूर्णिया के विद्वान विद्यानंद झा उर्फ मोहन झा करीब 500 वर्ष पुरानी ताड़पत्र पांडुलिपियों का संरक्षण और डिजिटलीकरण कर रहे हैं। इस अहम कार्य के लिए जिला प्रशासन ने उन्हें सम्मानित भी किया है।