पटना-पूर्णिया रूट पर दौड़ेगी नई नाइट ट्रेन, कोशी और सीमांचल के लाखों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत बिहार 2 महीने पहले 81
पटना से पूर्णिया जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे जल्द ही इस रूट पर एक नई नाइट ट्रेन शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें महंगी बसों से छुटकारा मिलेगा।

कोशी और सीमांचल के यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा

बिहार की राजधानी पटना से पूर्णिया तक का सफर अब और भी आसान और सुविधाजनक होने वाला है। रेलवे प्रशासन ने पटना से सहरसा होते हुए पूर्णिया तक नई नाइट ट्रेन सेवा चलाने का फैसला लिया है। समस्तीपुर रेल मंडल के रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की पुष्टि की है। यह ट्रेन सेवा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो अक्सर कोशी और सीमांचल के क्षेत्रों के बीच यात्रा करते हैं। इस नई ट्रेन के शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के लिए बसों के महंगे और थकाऊ सफर से भी मुक्ति मिलेगी।

ट्रेन का रूट और संसदीय मांग

यह प्रस्तावित नाइट ट्रेन पाटलिपुत्र स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेगी। इसके बाद यह ट्रेन सहरसा होते हुए पूर्णिया कोर्ट तक अपनी सेवा प्रदान करेगी। इस रूट पर रात के समय ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। हाल ही में हुई संसदीय समिति की बैठक में स्थानीय सांसदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है और अब इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल क्या है स्थिति और ट्रेनों का संचालन

मौजूदा समय में पटना से सहरसा और पूर्णिया के बीच जो ट्रेनें चल रही हैं, वे मुख्य रूप से दिन के समय ही उपलब्ध हैं। शाम ढलने के बाद इस मार्ग पर सीधी रेल कनेक्टिविटी का अभाव है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल इस रूट पर प्रमुख रूप से तीन ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं:

  • राज्यरानी एक्सप्रेस: यह मुख्य रूप से पटना और सहरसा के बीच आवागमन करती है।
  • जानकी एक्सप्रेस: यह ट्रेन जयनगर से कटिहार के बीच चलती है और इस क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों को आपस में जोड़ती है।
  • कोशी एक्सप्रेस: यह पटना से पूर्णिया कोर्ट के बीच नियमित रूप से संचालित होती है।

इन सभी ट्रेनों का संचालन दिन के वक्त होता है। यही कारण है कि रात में सफर करने वाले यात्रियों के पास ट्रेनों का विकल्प न के बराबर है।

क्यों जरूरी थी इस रूट पर नाइट ट्रेन

पटना से पूर्णिया और सहरसा की दूरी काफी लंबी है, जिसे दिन की ट्रेनों से तय करने में यात्रियों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। नाइट ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • समय का प्रबंधन: नाइट ट्रेन के माध्यम से यात्री रात भर आराम से सफर कर सकेंगे और सुबह होते ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। इससे उनका कामकाजी दिन खराब नहीं होगा।
  • सुरक्षा और बचत: ट्रेन सुविधा न होने की वजह से यात्रियों को रात के समय निजी बस ऑपरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो काफी महंगे और कभी-कभी असुरक्षित भी होते हैं। ट्रेन शुरू होने से सफर सस्ता और सुरक्षित हो जाएगा।

इन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

यह नई रेल सेवा समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी साबित होगी, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग शामिल हैं:

  • मरीज और तीमारदार: कोशी और सीमांचल के विभिन्न जिलों से बड़ी तादाद में लोग इलाज के लिए पटना आते हैं। नई ट्रेन से वे रात में सफर कर सुबह के वक्त सीधे अस्पताल पहुंच सकेंगे।
  • छात्र और प्रतियोगी परीक्षार्थी: पटना में पढ़ाई करने वाले या परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को अब होटल में रुकने या दिन बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके पैसे और समय दोनों की बचत होगी।
  • व्यापारी वर्ग: सहरसा और पूर्णिया के कारोबारी अब दिन के समय अपना व्यापारिक काम निपटा सकेंगे और माल की बुकिंग व बैठकों के लिए आसानी से पटना की यात्रा कर पाएंगे।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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