बिहार में नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: मालदा जेल से हो रहा था संचालन, ₹4 करोड़ के ड्रग्स के साथ 6 तस्कर दबोचे गए बिहार 53 मिनट पहले 1
बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने पूर्णिया व कटिहार में संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तार पश्चिम बंगाल की जेल से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।

ड्रग्स रैकेट का बड़ा भंडाफोड़

बिहार में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए बिहार एसटीएफ की नारकोटिक्स सेल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य पुलिस ने पूर्णिया और कटिहार जिले की स्थानीय पुलिस टीम के साथ मिलकर एक अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने छह तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो काफी समय से बिहार और पश्चिम बंगाल के इलाकों में सक्रिय थे। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ बताई जा रही है।

भारी मात्रा में मादक पदार्थ और लग्जरी गाड़ियां बरामद

संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान तस्करों के पास से करीब 1 किलो 950 ग्राम मादक पदार्थ बरामद किया है, जिसे प्रारंभिक जांच में हेरोइन या स्मैक के रूप में चिन्हित किया गया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीन महंगी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं, जिनमें एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो और एक हुंडई वेन्यू शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने तलाशी के दौरान 6 मोबाइल फोन और एक लाख रुपये की नगद राशि भी अपने कब्जे में ली है।

जेल से चल रहा था नेटवर्क का संचालन

पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि यह अवैध नेटवर्क पश्चिम बंगाल की मालदा जेल के भीतर से संचालित किया जा रहा था। जेल में बंद गौरव शाह और पूर्णिया का मुख्य तस्कर साजन चौधरी मिलकर इस पूरे रैकेट की कमान संभाले हुए थे। पुलिस के अनुसार, साजन चौधरी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है।

पूर्वोत्तर राज्यों से आता था नशा

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि साजन चौधरी पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) राज्यों से हेरोइन मंगवाता था। इस खेप को बिहार लाकर स्मैक या ब्राउन शुगर में तब्दील किया जाता था और फिर इसे बिहार के विभिन्न जिलों समेत पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में खपाया जाता था।

गिरफ्तार तस्करों की सूची

इस संयुक्त छापेमारी में पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • मोहन कुमार (मुफ्फसिल, पूर्णिया)
  • अविनाश कुमार उर्फ आकाश (धमदाहा, पूर्णिया)
  • सदानंद कुमार उर्फ शंकर (मुफ्फसिल, पूर्णिया)
  • सन्नी कुमार उर्फ समीर (भागलपुर)
  • शिवम कुमार ठाकुर उर्फ टकला (मुफ्फसिल, पूर्णिया)
  • अमरीश कुमार यादव (कुरसाकांटा, अररिया)

एसटीएफ ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पूर्णिया के मुफ्फसिल थाने को सौंप दिया है। पुलिस की टीमें अब इस पूरे सिंडिकेट के अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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