लाल किले से पीएम मोदी का संकल्प: एआई ट्रेनिंग, फ्री कोचिंग और विकसित भारत की नई रूपरेखा भारत एक घंटा पहले 2
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए युवाओं, महिलाओं और रक्षा क्षेत्र के लिए कई बड़े एलान किए। उन्होंने आगामी समय में एआई ट्रेनिंग, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और विकसित भारत के निर्माण के लिए एक व्यापक खाका पेश किया।

लाल किले से राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए भविष्य के भारत के निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने अगले एक वर्ष के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। सरकार की इस विशेष पहल का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीक के साथ जोड़ना है। इसके अलावा, जो युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, उन्हें सरकार अब पूरी तरह से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान करेगी।

युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की नई पहल

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दौर में निजी कोचिंग संस्थानों की फीस मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक भारी आर्थिक बोझ बन गई है। माता-पिता को अक्सर चिंता रहती है कि यदि वे अपने बच्चों को महंगे कोचिंग सेंटर नहीं भेजेंगे, तो उनके बच्चे पीछे रह जाएंगे। इस समस्या का समाधान करते हुए, सरकार ने प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया है। इसमें देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की सेवाओं को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के युवा अपने घर पर रहकर ही उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल उनके परिवारों पर आर्थिक भार कम होगा, बल्कि छात्रों को अपने घर के करीब रहकर बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।

तकनीक और नवाचार: भारत की अगली बड़ी छलांग

पीएम मोदी ने देश की सप्तधारा के तीसरे प्रमुख स्तंभ के रूप में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय रोबोटिक्स, एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डेटा सेंटर्स का युग है। भारत पहले ही यूपीआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से दुनिया में अपनी धाक जमा चुका है। अब हमारा लक्ष्य इनोवेशन का ग्लोबल हब बनने का है। स्टार्टअप इंडिया के तहत अब तक 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी है। युवाओं के नवाचारों को पंख देने के लिए सरकार ने ₹1 लाख करोड़ का फंड भी निर्धारित किया है ताकि संसाधनों की कमी किसी के सपने के आड़े न आए।

महिला सशक्तिकरण और आरक्षण का मुद्दा

महिला आरक्षण पर अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से एक साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देना वर्तमान समय की अनिवार्य मांग है। उन्होंने सभी पार्टियों से आग्रह किया कि वे इसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखें और इसमें अपना योगदान दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप इसका श्रेय ले सकते हैं, लेकिन माताओं और बहनों को उनका हक मिलना चाहिए। वहीं, 'लखपति दीदी' योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि तीन करोड़ बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब सरकार इसे बढ़ाकर छह करोड़ करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री ने भारत के विकास की गति को और तेज करने के लिए 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सप्तधारा के सात स्तंभों का उल्लेख किया:

  • मैन्युफैक्चरिंग पावर
  • कृषि और फूड प्रोसेसिंग
  • तकनीक और इनोवेशन
  • गति शक्ति
  • रक्षा शक्ति
  • ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी
  • सॉफ्ट पावर

परमाणु ऊर्जा में भारत की आत्मनिर्भरता

भारत अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने आगामी 6-7 वर्षों के अंदर 5 नए रिएक्टर शुरू करने की योजना बनाई है। वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 100 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पीएम मोदी ने समुद्री संसाधनों के उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले 99 प्रतिशत समुद्री इलाकों को 'नो-गो एरिया' माना जाता था, लेकिन अब हमने उसे खोल दिया है ताकि समुद्र के नीचे छिपे खजानों की खोज की जा सके।

रक्षा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले 12 सालों में भारत ने रक्षा उत्पादन में 4 गुना की शानदार वृद्धि हासिल की है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में 7 गुना, रेलवे कोच निर्माण में 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना का उछाल आया है। उन्होंने जोर दिया कि भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनाना हमारी प्राथमिकता है।

नक्सलवाद का अंत

देश की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि नक्सलवाद और माओवादी हिंसा अब अपनी अंतिम सांसे गिन रही है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा ने चार दशकों तक युवाओं का भविष्य और माताओं के सपनों को तबाह किया। सुरक्षा बलों के 3500 से ज्यादा जवानों ने देश के आम नागरिकों की रक्षा करते हुए अपना बलिदान दिया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि नक्सलवाद का अब पूरी तरह से सफाया हो रहा है। उन्होंने 'दिमागी नक्सलियों' से सतर्क रहने और उन्हें समाज में अलग-थलग करने का भी आह्वान किया।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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