हरियाणा
5 घंटे पहले
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विचारों
सर्दियों में गर्मियों वाली फसलों का उत्पादन
क्या आप भी सर्दियों के दौरान खीरा, लौकी, तोरी, करेला, तरबूज और खरबूजा जैसी गर्मियों की फसलों की खेती करना चाहते हैं। अब किसानों के लिए यह सपना हकीकत बन सकता है। इन अगेती फसलों को सही तरीके से उगाकर किसान जनवरी और फरवरी के महीनों में ही अपनी फसल की कटाई शुरू कर सकते हैं, जिससे बाजार में उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है।
लो-टनल तकनीक का कमाल
सामान्य तौर पर सर्दियों के मौसम में खुले खेतों के अंदर बेलवाली सब्जियों को उगाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। बागवानी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए लो-टनल तकनीक एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरी है। अंबाला बागवानी विभाग के जिला अधिकारी डॉ. सत्यनारायण ने बताया कि यह तकनीक सर्दियों की मार से फसलों को बचाने में सक्षम है, जिससे प्रतिकूल मौसम में भी उत्पादन जारी रखा जा सकता है।
सरकार दे रही है भारी अनुदान
हरियाणा सरकार किसानों को नई तकनीकों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। राज्य सरकार की ओर से लो-टनल और मल्चिंग तकनीक को अपने खेतों में लागू करने वाले किसानों को कुल लागत पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है। यह पहल किसानों के खर्च को आधा करने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस तकनीक के मुख्य लाभ
- सर्दियों में भी गर्मी के मौसम वाली सब्जियों का उत्पादन संभव।
- अगेती फसल तैयार होने से बाजार में किसानों को बेहतर मुनाफा।
- लो-टनल और मल्चिंग के उपयोग से पौधों को प्रतिकूल जलवायु से सुरक्षा।
- हरियाणा सरकार द्वारा 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलने से आर्थिक बोझ में कमी।
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