उपनाम: खंडवा
सक्सेस स्टोरी: खुद कलेक्टर नहीं बन पाए राहुल गीते, लेकिन तैयार कर दिए सैकड़ों अफसर; पढ़िए प्रेरक कहानी
खंडवा के राहुल गीते कलेक्टर बनने का सपना तो पूरा नहीं कर सके, पर उन्होंने अब तक 450 से अधिक छात्रों को सरकारी सेवाओं तक पहुंचाकर शिक्षा को सेवा का रूप दे दिया है।
खंडवा के खेड़ी गांव में सहजन ने बदली तस्वीर, महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की 25 से अधिक महिलाओं ने सहजन (मोरिंगा) की खेती को सफल ग्रामीण उद्यम में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
खेत में अकेली नहीं रहतीं जबा, हर कदम पर साथ चलते हैं उनके मुर्गे, दिल जीतती यह कहानी
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की एक गृहिणी जबा चोरे ने अपने मुर्गा-मुर्गियों को परिवार के सदस्य की तरह पाला है, और वे हर जगह उनके साथ-साथ चलते हैं। घर में मांसाहार पूरी तरह वर्जित होने के बावजूद उनका यह लगाव सबका दिल जीत रहा है।
खंडवा के गुड़ी जंगल में लौटी हरियाली, बंजर जमीन पर अब लहलहा रहे बांस के पौधे
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में कभी अतिक्रमण और अवैध कटाई से उजड़ चुकी जमीन वन विभाग के अभियान के बाद फिर हरे-भरे जंगल में बदल रही है। करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र में 35 हजार से ज्यादा बांस के पौधे रोपे गए हैं।
खंडवा में बतख पालन और एक्वा पार्क से बदली तस्वीर, 160 महिलाओं को मिला रोजगार का नया रास्ता
खंडवा जिले की नई पहल ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए उम्मीद बनकर उभरी है। बतख पालन और एकीकृत एक्वा मॉडल के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अंडों से कमाई की तैयारी कर रही हैं।
एमपी का वह जैविक गांव, जहां कभी हर घर में बनती थी खाद, अब फैल रही रासायनिक खेती
मध्यप्रदेश का मलगांव कभी पूरे प्रदेश में 'जैविक ग्राम' के रूप में पहचाना जाता था, लेकिन आज यहां एक भी खेत पूरी तरह जैविक नहीं बचा और किसान रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर निर्भर हो गए हैं।