उपनाम: कृषि तकनीक
मछली पालन के साथ तालाब में करें सिंघाड़े की खेती, ऐसे होगी दोगुनी कमाई
बिहार के छपरा में किसान एक ही तालाब से मछली और सिंघाड़े की खेती कर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। जानिए इस दोहरी खेती के लिए किन खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
धान की खेती में अपनाएं कम समय वाली किस्में, पानी की होगी बचत और कीटों का खतरा भी होगा कम
धान की खेती के इस सीजन में बारिश की कमी को देखते हुए कृषि विशेषज्ञ और अनुभवी किसान कम समय में तैयार होने वाली धान की किस्मों को लगाने की सलाह दे रहे हैं। सही तकनीक और किस्म का चुनाव करके किसान कम पानी में भी बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
छपरा के पप्पू यादव की कामयाबी: नौकरी न मिलने पर अपनाया मछली पालन का रास्ता, बन गए प्रेरणा
बिहार के छपरा जिले के रहने वाले पप्पू कुमार यादव ने बेरोजगारी से हार मानने के बजाय मछली पालन को अपना करियर बनाया है। नई तकनीकों का इस्तेमाल कर वे आज न केवल खुद मोटी कमाई कर रहे हैं, बल्कि दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बने हैं।
बारिश में धान बोने का बदला तरीका, पैडी ड्रम सीडर से एक साथ 8 कतारों में बुआई कर समय और पैसा बचा रहे किसान
खरीफ के मौसम में लगातार हो रही बारिश के बीच बालोद के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पैडी ड्रम सीडर तकनीक अपनाने की सलाह दी है, जो कम खर्च में धान की बंपर पैदावार देने में सक्षम है।
खेत के खर-पतवार और फालतू घास को बनाएं कीमती खाद, किसान ने साझा किया दवा बनाने का आसान तरीका
बिहार के छपरा में किसान अब कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में घर पर ही जैविक खाद और घास गलाने वाली दवा तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और मिट्टी की सेहत में सुधार हो रहा है।
पशुओं के लिए यूरिया का सही इस्तेमाल: दूध उत्पादन बढ़ाने और चारे की लागत कम करने का वैज्ञानिक तरीका
पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से उपचारित फीड ग्रेड यूरिया पशुओं के लिए प्रोटीन का एक किफायती स्रोत है, जिससे दूध उत्पादन में प्रतिदिन 1 से 2 किलोग्राम तक की वृद्धि संभव है।
फलों की फसल बचाने का सस्ता और प्रभावी तरीका: मात्र 200 रुपये में ऐसे रोकें फल मक्खी का हमला
किसान अपनी बागवानी को फल मक्खी के कहर से बचाने के लिए फेरोमोन ट्रैप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह वैज्ञानिक तरीका न केवल किफायती है, बल्कि रसायनों के छिड़काव से भी मुक्ति दिलाता है।
कम बारिश में भी लहलहाएगी धान की फसल, जानिए ध्रुव कुमार का सफल फॉर्मूला
जमुई के एक प्रगतिशील किसान ने धान की खेती के लिए खास तकनीक साझा की है, जिससे कम पानी और कम बारिश के बीच भी बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है।
मानसून में बंपर मुनाफा: महज 25 हजार के खर्च में बरबटी की खेती से कमाएं 1 लाख रुपये, अपनाएं यह तरीका
बरसात के मौसम में धान की पारंपरिक खेती से हटकर बस्तर के किसान कमलू मौर्य ने बरबटी की खेती से शानदार कमाई का उदाहरण पेश किया है। मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल कर वे कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
अगेती गोभी की खेती से बंपर कमाई का मौका: कृषि वैज्ञानिक ने साझा किए उन्नत खेती के सफल सूत्र
खरीफ सीजन के दौरान अगेती गोभी की खेती किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया बन सकती है, बस जरूरत है सही किस्मों और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की।
धान की सीधी बुआई तकनीक: कम लागत में अधिक मुनाफे का अचूक फार्मूला, कृषि वैज्ञानिक से समझें पूरी प्रक्रिया
धान की खेती में आने वाली भारी लागत और मेहनत से परेशान किसानों के लिए डीएसआर यानी डायरेक्ट सीडेड राइस एक बेहतरीन विकल्प है। कृषि वैज्ञानिक सौरभ शंकर पटेल ने इस आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को आसान और किफायती बनाने के तरीके बताए हैं।
सिर्फ 2 हजार रुपये में सूखा बोरवेल हुआ रिचार्ज, छत्तीसगढ़ के किसान का यह देसी जुगाड़ बन रहा है मिसाल
छत्तीसगढ़ के एक युवा किसान ने बेहद कम लागत में वर्षा जल संचयन और बोरवेल रिचार्ज की तकनीक अपनाकर गिरते भूजल स्तर की समस्या का समाधान निकाला है। इस अनोखे और सस्ते प्रयोग से सूखे पड़े बोरवेल भी अब लंबे समय तक पानी दे रहे हैं।
धान की रोपाई छोड़िए, बिहार का यह किसान तो फसल काटने को तैयार, पिता के नुस्खे ने बदली तस्वीर
बिहार के जमुई में एक प्रगतिशील किसान ने भीषण गर्मी के बावजूद गरमा धान की बंपर फसल तैयार कर ली है। जहां इलाके के अन्य किसान अभी धान की रोपाई के लिए तैयारी कर रहे हैं, वहीं इस किसान की फसल पककर कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
डीएपी की कमी से न हो परेशान, इन विकल्पों को अपनाकर धान की पैदावार में करें 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा
खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए अगर बाजार में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं है, तो किसान टीएसपी जैसे बेहतरीन विकल्पों को अपनाकर अपनी फसल को समृद्ध बना सकते हैं।
धान की खेती: 'बूढ़े बिचड़े' से घट सकती है पैदावार, नुकसान से बचना है तो अपनाएं यह वैज्ञानिक स्टेगर विधि
पलामू में मानसून के आगमन के साथ ही धान की नर्सरी तैयार करने का काम शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम की मार और पैदावार में कमी से बचने के लिए चरणबद्ध यानी स्टेगर विधि अपनाने की सलाह दी है।