जमशेदपुर का टाटानगर स्टेशन बना फूड हब, 50 मीटर के दायरे में मिलेंगे स्वाद के 50 ठिकाने जीवनशैली 2 महीने पहले 65
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर का इलाका अब यात्रियों के लिए एक प्रमुख फूड हब में तब्दील हो चुका है, जहां मात्र 50 मीटर के दायरे में 50 से अधिक दुकानों पर लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकता है।

यात्रियों की पहली पसंद बना स्टेशन का बाहरी इलाका

झारखंड के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाने वाला टाटानगर स्टेशन रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही का केंद्र रहता है। यहां से देश के कोने-कोने के लिए ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके चलते कई बार यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अक्सर यात्रियों को लंबी वेटिंग या कनेक्टिंग ट्रेनों के कारण स्टेशन परिसर में काफी वक्त बिताना पड़ता है। ऐसे में उनकी सबसे बड़ी चिंता अच्छे और ताजा भोजन की होती है। स्टेशन के अंदर सीमित विकल्पों के कारण कई यात्री बाहर की ओर रुख करते हैं, जहां उन्हें स्वाद और ताजगी दोनों मिलती है।

मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्वादों का खजाना

यदि आप टाटानगर स्टेशन पर हैं और किसी स्वादिष्ट व्यंजन की तलाश में हैं, तो आपको दूर जाने की आवश्यकता नहीं है। स्टेशन के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर आपको खाने-पीने की करीब 50 दुकानें मिलेंगी। यहां सुबह से लेकर देर रात तक चहल-पहल रहती है और विभिन्न प्रकार के पकवानों की खुशबू यात्रियों को अपनी ओर खींच लाती है। इन दुकानों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां हर बजट और हर पसंद के हिसाब से भोजन के भरपूर विकल्प मौजूद हैं।

पारंपरिक व्यंजनों का अनोखा स्वाद

स्टेशन रोड के पास पहुंचते ही आपको सबसे पहले बिहार और झारखंड के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा की महक आएगी। यहां के स्थानीय स्टॉल्स पर मिलने वाला गरमागरम लिट्टी-चोखा यात्रियों का पसंदीदा नाश्ता है। इसके अलावा, सेहत के लिए फायदेमंद सत्तू का शरबत और सत्तू से बनी अन्य चीजें भी यहां खूब पसंद की जाती हैं। सुबह के समय भीड़ का आलम यह होता है कि लोग गरमागरम आलू पराठा और दही का लुत्फ उठाने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई देते हैं। ट्रेन के इंतजार के दौरान नाश्ता करने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

फास्ट फूड और चाइनीज का तड़का

युवा यात्रियों और छात्रों की पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां फास्ट फूड की भी भरमार है। चाऊमीन, मंचूरियन और फ्राइड राइस जैसे इंडो-चाइनीज व्यंजनों की कई दुकानें यहां मौजूद हैं। सस्ती कीमतों पर स्वादिष्ट फास्ट फूड मिलने के कारण यह क्षेत्र युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है। छात्र अक्सर अपनी यात्रा के दौरान यहां रुककर कम खर्चे में भरपेट भोजन का आनंद लेते हैं। इन दुकानों पर लगने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है कि स्वाद के मामले में ये जगह किसी बड़े रेस्टोरेंट से कम नहीं है।

दोपहर और रात के भोजन की पूरी व्यवस्था

अगर आप मुख्य भोजन यानी लंच या डिनर की तलाश में हैं, तो यहां के ढाबों और दुकानों में आपको घर जैसा स्वाद मिलेगा। दाल-भात, सब्जी, भुजिया और लजीज चिकन बिरयानी यहां के मेनू की खास पहचान है। दुकानदार ताजा भोजन बनाकर परोसने पर जोर देते हैं, जिससे यात्रियों को घर के खाने का अहसास होता है। लंबी दूरी की यात्रा पर निकलने वाले कई यात्री यहां से अपना भोजन पैक करवाना भी पसंद करते हैं, ताकि सफर के दौरान उन्हें परेशानी न हो।

मिठाइयों और स्नैक्स का भी है विकल्प

खाने के बाद कुछ मीठा खाने के शौकीनों के लिए भी यहां पर्याप्त व्यवस्था है। समोसा, कचौड़ी, जलेबी और ताजे रसगुल्लों के स्टॉल्स यहां हर कोने पर मिल जाएंगे। तरह-तरह की मिठाइयां और स्नैक्स इस जगह को एक छोटे फूड हब के रूप में स्थापित करते हैं। टाटानगर स्टेशन का यह इलाका अब केवल एक ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी खास है जो भोजन के जरिए किसी शहर के स्वाद को जानना चाहते हैं। तो अगली बार जब आप अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे हों, तो स्टेशन के बाहर की इस गलियों में जाकर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेना न भूलें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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