समोसे में आलू की जगह चाऊमीन का तड़का, बोकारो के इस स्टॉल पर उमड़ रही है खाने वालों की भीड़ जीवनशैली एक महीने पहले 78
बोकारो के सेक्टर-8 स्थित माही समोसा स्टॉल इन दिनों अपने अनोखे चाऊमीन समोसे के लिए चर्चा में बना हुआ है, जिसे चखने के लिए हर शाम लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

बोकारो में चटपटे समोसे का नया अंदाज़

अगर आप खाने-पीने अब तक केवल पारंपरिक आलू के समोसे का स्वाद लिया है, तो बोकारो का सेक्टर-8 आपको एक नया अनुभव देने के लिए तैयार है। सिवान मोड़ के ठीक सामने स्थित माही समोसा स्टॉल पर इन दिनों एक खास व्यंजन लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है, जिसे चाऊमीन समोसा के नाम से जाना जाता है। शाम होते ही यहां खाने के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है, जो इस अनूठे स्वाद को लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

कैसे मिली चाऊमीन समोसे की प्रेरणा

इस स्टॉल के मालिक नारायण कुमार बताते हैं कि उनकी दुकान लगभग 10 साल पुरानी है। वे पिछले कई सालों से ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नारायण ने चाऊमीन समोसे के इस अनोखे प्रयोग के पीछे की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्हें यह आइडिया रांची की एक यात्रा के दौरान आया था। उन्होंने वहां पहली बार चाऊमीन समोसा खाया था और उसका स्वाद उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे बोकारो के निवासियों के लिए भी पेश करने का फैसला किया। नारायण का यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा और आज यह समोसा इलाके के लोगों की पहली पसंद बन चुका है।

तैयारी का खास तरीका

चाऊमीन समोसे को बनाने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले चाऊमीन को अच्छी तरह उबाला जाता है और फिर उसमें अलग-अलग मसालों का मिश्रण डाला जाता है ताकि चटपटा स्वाद मिल सके। इसके बाद, मैदे की पतली परत को बेलकर उसे त्रिकोणीय आकार दिया जाता है। इस परत के अंदर तैयार की गई चाऊमीन की स्टफिंग भरकर समोसे को आकार दिया जाता है। इसके बाद इन्हें खौलते हुए गर्म तेल में तब तक तला जाता है जब तक कि वे सुनहरा और कुरकुरा न हो जाएं। अंत में, इसे ग्राहकों को मीठी चटनी के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देती है।

हर दिन 300 पीस की बिक्री

नारायण के मुताबिक, दुकान पर आलू समोसे भी मिलते हैं जिनकी कीमत 8 रुपये प्रति पीस है, लेकिन ग्राहकों की पहली पसंद चाऊमीन समोसा ही है। चाऊमीन समोसे की कीमत मात्र 12 रुपये प्रति पीस रखी गई है। ग्राहकों की भारी मांग के कारण उनकी दुकान पर रोजाना करीब 300 पीस चाऊमीन समोसे की खपत हो जाती है। यह दुकान हर शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहती है। सेक्टर-8 के इस स्टॉल पर शाम के वक्त अक्सर ग्राहकों की अच्छी खासी चहल-पहल देखी जा सकती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय लोगों के बीच चाऊमीन और समोसे का यह संगम कितना लोकप्रिय हो गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप