रांची का अनोखा घर: बाहर से मिट्टी की झोपड़ी, अंदर ऐसी सुविधाएं कि उड़ जाएंगे होश झारखंड 2 महीने पहले 72
झारखंड की राजधानी रांची के मांडर इलाके में सुमित्रा देवी ने एक ऐसा घर बनाया है जो बाहर से देखने में साधारण झोपड़ी लगता है, लेकिन इसके भीतर अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं का खजाना छिपा है।

बाहर से सादगी, अंदर आधुनिकता

झारखंड की राजधानी रांची से सटे मांडर इलाके में रहने वाली सुमित्रा देवी का नाम इन दिनों खासी चर्चा में है। सुमित्रा देवी ने अपने घर को एक ऐसी शैली में तैयार किया है कि इसे देखकर कोई भी धोखा खा सकता है। बाहर से देखने पर यह घर एक साधारण मिट्टी की झोपड़ी जैसा प्रतीत होता है, जिसके ऊपर खपरैल की छत लगी है। लेकिन, जैसे ही आप इस घर की दहलीज के भीतर कदम रखते हैं, आपको किसी आलीशान बंगले जैसा अनुभव होगा। यहाँ मौजूद आधुनिक सुख-सुविधाएं किसी बड़े शहर के लक्जरी घर को मात देती हैं।

नजर से बचने के लिए अपनाया यह तरीका

सुमित्रा देवी का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर अपने घर का बाहरी रूप बेहद साधारण रखा है। उनका मानना है कि गांव के परिवेश में जहां अधिकतर घर मिट्टी के हैं, वहां इतना आलीशान घर बनाना लोगों की बुरी नजर को न्योता देने जैसा होता है। सुमित्रा कहती हैं, आज के दौर में नजर लगने का डर बहुत ज्यादा है। गांव के लोग हमें बाहर से देखकर गरीब समझते हैं, और यही हमारी सुरक्षा भी है। जब दुनिया को घर की असली भव्यता का पता ही नहीं चलेगा, तो किसी की बुरी नजर घर की बरकत को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगी।

4 बीएचके का आलीशान आशियाना

इस अनोखे घर की बनावट को सुमित्रा ने बड़ी मेहनत से तैयार करवाया है। खेती-बाड़ी करके कमाई गई मेहनत की पूंजी से उन्होंने इसे बनाया है। इस घर के अंदर प्रवेश करते ही आपको आधुनिकता की झलक मिलती है। घर में कुल 4 बड़े-बड़े बेडरूम हैं और खास बात यह है कि चारों कमरों में AC की सुविधा मौजूद है। यही नहीं, सुमित्रा बताती हैं कि यहां ऐसी सुविधाएं हैं जो साधारण घरों में नहीं मिलतीं। किचन में इंडक्शन चूल्हा और मॉडर्न फ्रिज जैसी अत्याधुनिक चीजें मौजूद हैं। फर्श पर मार्बल और टाइल्स का काम इस घर को अंदर से पूरी तरह आलीशान बनाता है।

गार्डन और गाड़ियों का जखीरा

घर के भीतर सिर्फ कमरे ही नहीं, बल्कि एक सुंदर गार्डन एरिया भी है। इस बगीचे में आम के पेड़ों से लेकर विभिन्न प्रकार के फूल-पौधे लगे हुए हैं जो मन को मोह लेते हैं। सुमित्रा के पास 2 फोर-व्हीलर गाड़ियां भी हैं। इन गाड़ियों को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने घर के अंदर ही एक निजी गैरेज बनाया है। चूंकि ये गाड़ियां घर के बाहर नहीं खड़ी होतीं, इसलिए गांव वालों को इस बात का अंदाजा भी नहीं लगता कि सुमित्रा की जीवनशैली कितनी समृद्ध है। उन्होंने इन गाड़ियों को दुनिया की नजरों से दूर रखने के लिए घर के भीतर ही छुपा कर रखा है। सुमित्रा का मानना है कि इस तरीके से घर बनाने के कारण उन्हें नजर लगने की कोई चिंता नहीं सताती, और उनके घर में सुख-शांति हमेशा बनी रहती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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