हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: कॉमन कैडर को लेकर सरकार ने दिया विकल्प हरियाणा 2 महीने पहले 89
हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों को कॉमन कैडर में रहने या इससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प दिया है। इस प्रक्रिया को 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच ऑनलाइन पूरा किया जाएगा।

सरकार का बड़ा निर्णय

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने राज्य के हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने इन कर्मचारियों को कॉमन कैडर में बने रहने अथवा उससे बाहर निकलने का एकमुश्त ऑनलाइन विकल्प प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को आधिकारिक पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

कौन से कर्मचारी होंगे पात्र

जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, यह सुविधा मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए लागू की गई है:

  • विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारी।
  • 28 मार्च 2018 से 31 मार्च 2020 के बीच अनुकंपा के आधार पर सेवा में शामिल हुए ग्रुप-डी कर्मचारी।

इन कर्मचारियों को ग्रुप-डी सेवा ढांचे में हाल ही में किए गए संशोधनों के बाद यह एकमुश्त अवसर दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी पसंद के अनुसार सेवा नियमों का चयन कर सकें।

ऑनलाइन विकल्प की प्रक्रिया

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है। पात्र कर्मचारी 1 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2026 के बीच अपना विकल्प दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल पूरी तरह से ओटीपी आधारित सुरक्षा से लैस होगा। कर्मचारी केवल अपने एचआरएमएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए ही लॉगिन कर पाएंगे।

नियम और शर्तें

इस फैसले के तहत, जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का चयन करेंगे, वे भविष्य में हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम 2018 के प्रावधानों के अंतर्गत ही काम करेंगे। दूसरी ओर, जो कर्मचारी कॉमन कैडर से बाहर निकलने का विकल्प चुनते हैं, वे अपने संबंधित विभागों के अलग सेवा नियमों के अधीन हो जाएंगे।

अनिवार्य है समयसीमा का पालन

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया है कि विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र कर्मचारी अपनी पसंद निर्धारित समय के भीतर दर्ज करें। यदि कोई कर्मचारी 15 जुलाई 2026 की समयसीमा तक अपना विकल्प नहीं चुनता है, तो उसे स्वतः ही कॉमन कैडर में बने रहने का इच्छुक मान लिया जाएगा। इस निर्णय से राज्य के सरकारी कर्मचारियों के कार्य वातावरण और सेवा संबंधी जटिलताओं को सरल बनाने की उम्मीद है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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