हरियाणा
एक घंटा पहले
5
विचारों
सफाई कर्मचारियों को सरकार की दो टूक चेतावनी
हरियाणा सरकार ने राज्यभर में हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एक कड़ा रुख अपना लिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कर्मचारी 5 सितंबर तक अपने काम पर वापस नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बीते 6 अगस्त से जारी इस हड़ताल के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कचरे के अंबार लग गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अनिवार्य सेवा का हवाला देकर निर्देश
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों और जिला नगर आयुक्तों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के ड्यूटी से गायब रहना अनुशासनहीनता है। प्रशासन को कहा गया है कि वे कर्मचारियों को सूचित करें कि वे 5 सितंबर तक अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि स्वच्छता एक आवश्यक सेवा है और हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 के साथ-साथ हरियाणा आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम, 1974 के तहत इसे बनाए रखना निकायों का प्राथमिक दायित्व है।
उपकरणों के नुकसान और पुलिस झड़प के आरोप
सरकार द्वारा जारी पत्र में यह भी दावा किया गया है कि हड़ताल में शामिल कुछ कर्मचारी न केवल अपने साथियों को काम करने से रोक रहे हैं, बल्कि सरकारी स्वच्छता मशीनों और उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सरकार ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि प्रदर्शनकारी अधिकारी को कचरा उठाने से रोक रहे हैं और उनके द्वारा पुलिस के साथ हाथापाई करने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इन मामलों को लेकर संबंधित थानों में कुछ प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई हैं।
सरकार का तर्क और सीएम का बयान
राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में विधानसभा में सफाई कर्मचारियों की मांगों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है और उनकी 12 प्रमुख मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। जहां तक नौकरी पक्की करने का सवाल है, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में कई कानूनी पेच हैं, जिनका बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।
विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को अनदेखा कर रही है। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया, जबकि INLD के विधायक आदित्य देवी लाल ने सरकार पर सफाईकर्मियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। 1 सितंबर को विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान भी कांग्रेस के सदस्यों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था और सरकार से तत्काल बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की थी।
Comments
0 comment