वैश्विक संकट के बीच हरियाणा में संसाधन बचत अभियान, सितंबर तक विदेश यात्रा और रैली-रोड शो पर रोक हरियाणा एक महीने पहले 16
रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया तनाव के बीच हरियाणा सरकार ने ईंधन और ऊर्जा बचत के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत सितंबर 2026 तक विदेश यात्राओं तथा रैली, रोड शो और वाहन जुलूसों पर रोक रहेगी।

वैश्विक संकट, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हरियाणा सरकार ने संसाधनों की बचत को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस फैसले के अनुसार सितंबर 2026 तक विदेश यात्राओं पर पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि इस अवधि में किसी भी रैली, रोड शो या वाहन जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। तय किया गया है कि सरकार अब केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदेगी, जबकि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले वाहनों की खरीद पूरी तरह बंद कर दी गई है।

ईंधन और ऊर्जा की बचत को लेकर सरकार का यह अभियान निरंतर जारी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की विदेश यात्रा पर रोक रहेगी, हालांकि चिकित्सा से जुड़े मामलों में छूट दी जाएगी। इसके अलावा अब 50% सरकारी बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।

पेट्रोलियम खर्च घटाने के निर्देश

सभी विभागों को अपने पेट्रोलियम खर्च में 20% की कटौती करने को कहा गया है। इसके साथ ही सरकारी वाहनों के इस्तेमाल में 10% कमी लाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय से वीवीआईपी काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या में 50% तक की कमी आएगी। सरकारी समारोहों, सेमिनारों और भोज पर होने वाले खर्च में भी कटौती की जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे प्रदेश में ईवी चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा।

सरकारी दफ्तरों में बिजली बचत पर जोर

सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में एसी का तापमान 24-26°C के बीच रखने तथा गैर-जरूरी लाइटें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वर्क फ्रॉम होम, कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। ईंधन की बचत पर नजर रखने के लिए एक विशेष पोर्टल भी तैयार किया जाएगा।

उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के निर्देश

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते उर्वरक का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी खरीफ सत्र के दौरान प्रदेश में उर्वरक की किसी प्रकार की कमी न होने पाए। एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में राणा ने कहा कि फसल सत्र आरंभ होने से बहुत पहले ही उर्वरक का पर्याप्त भंडार और वितरण से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए, ताकि किसानों को किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई

वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रमुख उर्वरक निर्माता और विपणन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मंत्री ने मौजूदा उर्वरक भंडार की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने आने वाले खरीफ सत्र के लिए संभावित मांग, उपलब्धता, परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन को लेकर अधिकारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों से अहम सुझाव भी मांगे। राणा ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष के सफल और पारदर्शी अनुभव को ध्यान में रखते हुए उर्वरक का वितरण एक बार फिर 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल के जरिए किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में उर्वरक की जमाखोरी और कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुकानदार या डीलर ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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