उपनाम: ग्राउंड रिपोर्ट
फरीदाबाद की सपेरा बस्ती में नारकीय हालात: नालियां न होने से सड़कों पर बह रहा गंदा पानी, बारिश में बढ़ता है जहरीले सांपों का खौफ
फरीदाबाद के सोतई गांव के पास स्थित सपेरा बस्ती के लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जी रहे हैं। बारिश के दिनों में नालियां न होने से हर तरफ गंदगी और कीचड़ फैल जाता है, जिससे घरों में जहरीले सांप घुसने का खतरा बढ़ गया है।
ग्राउंड रिपोर्ट: मंडला के इस गांव में लोग पी रहे कीचड़ जैसा पानी, सरकारी 'हर घर जल' योजना का कहीं अता-पता नहीं
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के खुर्री टोला में ग्रामीण कीचड़युक्त गड्ढे का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। सरकार की नल-जल योजना के दावों के बावजूद यहां के लोग दशकों बाद भी साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: अमेठी में करोड़ों की सरकारी इमारतों पर लटके ताले, पंचायत सचिवालय और बारात घर बने केवल शोपीस
अमेठी में लाखों-करोड़ों की लागत से बनी सरकारी इमारतें बदहाली का शिकार हैं, जहां पंचायत सचिवालय और बारात घरों में ताले लटके होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीधी के सरकारी स्कूलों में जल संकट: लाखों खर्च के बाद भी नल उगल रहे हवा, बिजली कनेक्शन का अता-पता नहीं
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्कूलों में पानी पहुंचाने की योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद अधिकांश स्कूलों में बिजली नहीं है और बच्चे पानी के लिए परेशान हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: वोट के बाद वादे हुए गायब, गुर्जर कॉलोनी की गलियों में बह रहा सीवर का गंदा पानी
गुर्जर कॉलोनी के लोग लंबे समय से जलभराव और सीवर के गंदे पानी से परेशान हैं। चुनाव के दौरान किए गए विकास के बड़े दावे धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हुए हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: पाली में गहराता जल संकट, ग्रामीणों का सवाल- दुर्गंध वाला पानी नदी में क्यों बहाया गया?
पाली जिले में नेहड़ा बांध और बांडी नदी में कथित केमिकलयुक्त पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों में रोष है। लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
लखीमपुर: श्रीनगर और कस्ता विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़क बदहाल, 25 गांवों के लोगों ने की मरम्मत की मांग
लखीमपुर खीरी के कस्ता विधानसभा क्षेत्र में नगरा से जैतापुर समेत कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क सालों से बदहाल है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट: नया अस्पताल बना पर सुविधाएं नदारद, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हो रहा मरीजों का इलाज
खरगोन जिले के मंडलेश्वर में करीब 10 करोड़ रुपये से बने नए सिविल अस्पताल में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं तक का अभाव है, जिससे मरीजों को अंधेरे और गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट: मानसून से पहले संभल जाएं जिम्मेदार... धौलपुर के हुंडावाल रोड पर सीवर जाम और जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
धौलपुर के हुंडावाल रोड पर पिछले करीब दो वर्षों से सीवर जाम और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे आसपास की कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। स्थानीय लोग बीमारियों और हादसों के खतरे के बीच स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
मानसून नज़दीक, पर पाली के 100 बांधों की मरम्मत अधूरी — बढ़ सकती है मुसीबत?
राजस्थान के पाली जिले में मानसून आने से पहले 100 छोटे-बड़े बांधों का जरूरी रखरखाव बजट स्वीकृति न मिलने के कारण अधूरा पड़ा है। विभाग ने 36 लाख रुपये से अधिक की मांग भेजी है, जिसकी मंजूरी का इंतजार जारी है।
ग्राउंड रिपोर्ट: जिस गोकुल में श्रीकृष्ण ने रची थीं बाल लीलाएं, वही पूतना कुंड आज उपेक्षा का शिकार
मथुरा के गोकुल स्थित पूतना कुंड, जहां माना जाता है कि बालक कृष्ण ने राक्षसी पूतना का वध किया था, आज गंदे पानी और झाड़ियों के बीच बदहाल पड़ा है। वर्ष 2014-15 में लगभग 50 लाख रुपये से हुए कायाकल्प के बावजूद यह ऐतिहासिक स्थल फिर जर्जर हो चुका है।
उद्घाटन के दो महीने में ही दरकने लगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, जगह-जगह उखड़ी सड़क; पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट
14 अप्रैल, 2026 को शुरू हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों की दूरी महज 2.5 घंटे में सिमटा दी, लेकिन दो महीने के भीतर ही कई जगहों से सड़क उखड़ने लगी है और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: बांके बिहारी मंदिर के बाहर अचानक गिरा छज्जा, मच गई चीख-पुकार; लोग बोले- होते रहते हैं हादसे
मथुरा में बांके बिहारी मंदिर के पास गली नंबर-5 में एक मकान का छज्जा श्रद्धालुओं पर गिर गया, जिसमें करीब नौ लोग घायल हुए। एक गंभीर घायल को नोएडा के हायर सेंटर रेफर किया गया है।
ग्राउंड रिपोर्ट: शिवनगर की गलियों में बहता गंदा सीवर पानी, चुनावी वादे भूले जनप्रतिनिधि, प्रशासन मौन
धौलपुर के शिवनगर इलाके में सीवर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़कों पर बहते गंदे पानी से बीमारी और करंट का खतरा बढ़ गया है, जबकि चुनावी वादे करने वाले जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं।