मानसून नज़दीक, पर पाली के 100 बांधों की मरम्मत अधूरी — बढ़ सकती है मुसीबत? राजस्थान एक महीने पहले 21
राजस्थान के पाली जिले में मानसून आने से पहले 100 छोटे-बड़े बांधों का जरूरी रखरखाव बजट स्वीकृति न मिलने के कारण अधूरा पड़ा है। विभाग ने 36 लाख रुपये से अधिक की मांग भेजी है, जिसकी मंजूरी का इंतजार जारी है।

राजस्थान में मानसून की आहट के साथ ही पाली जिले के बांधों की हालत प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता का कारण बन गई है। बारिश का मौसम सिर पर है, लेकिन जिले के बांधों पर होने वाले जरूरी कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं।

100 बांधों पर अटका रखरखाव

पाली जिले के 100 छोटे-बड़े बांधों पर जिस रखरखाव और मरम्मत की दरकार थी, वह अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसकी मुख्य वजह यह है कि इन कार्यों के लिए मांगा गया बजट अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। नतीजतन, मानसून से पहले निपटाए जाने वाले कई अहम काम लटके हुए हैं।

कौन-से काम बाकी हैं

जल संसाधन विभाग के अनुसार बांधों पर ऑइलिंग-ग्रीसिंग, झाड़ियों की सफाई, ओवरफ्लो सिस्टम की मरम्मत और गेटों की जांच जैसे महत्वपूर्ण काम मानसून के आने से पहले पूरे किए जाने थे। ये सभी व्यवस्थाएं भारी बारिश की स्थिति में बेहद उपयोगी साबित होती हैं और बाढ़ तथा जलभराव जैसी समस्याओं से बचाव में अहम भूमिका निभाती हैं।

बजट की स्वीकृति का इंतजार

विभाग ने विभिन्न सब-डिवीजनों के लिए 36 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय मांग भेजी है, लेकिन इसकी स्वीकृति का इंतजार अब भी जारी है। मंजूरी मिलने में हो रही देरी के चलते जरूरी काम शुरू नहीं हो पा रहे।

आपात व्यवस्था की तैयारी

इस बीच प्रशासन ने आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रमुख बांधों और फ्लड सेल में वायरलेस सेट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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