सीधी के सरकारी स्कूलों में जल संकट: लाखों खर्च के बाद भी नल उगल रहे हवा, बिजली कनेक्शन का अता-पता नहीं मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 51
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्कूलों में पानी पहुंचाने की योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद अधिकांश स्कूलों में बिजली नहीं है और बच्चे पानी के लिए परेशान हैं।

सरकारी दावों की खुली पोल

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सरकारी स्कूलों के भीतर बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए एक विशेष योजना तैयार की गई थी। इस योजना के पीछे मंशा साफ थी कि विद्यार्थियों को स्कूल में ही पीने का साफ पानी मिले, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल विपरीत है। लाखों रुपये की भारी भरकम राशि फूंकने के बाद भी यह व्यवस्था अब पूरी तरह से सवालों के कटघरे में खड़ी है।

काम शुरू होने से पहले ही फेल

योजना के तहत स्कूलों में लगे हैंडपंपों को आधुनिक बनाने का काम किया गया था। इसमें मोटर पंप, पानी की टंकी और टोटी सिस्टम लगाए गए थे ताकि बच्चों को आसानी से पानी मिल सके। हालांकि, स्थिति यह है कि इनमें से अधिकांश सिस्टम या तो चालू ही नहीं हुए या फिर लगाने के कुछ समय बाद ही खराब हो गए। अव्यवस्था का आलम यह है कि जो पैसा सुविधाओं के नाम पर खर्च किया गया, वह सरकारी खजाने की बर्बादी से अधिक कुछ नहीं निकला।

बिना बिजली के मोटर और खाली नल

इस पूरी कार्ययोजना की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रशासन ने कई ऐसे स्कूलों में भी मोटर पंप लगवा दिए, जहां आज तक बिजली का कनेक्शन ही नहीं पहुंचा है। जब बिजली ही नहीं है, तो मोटर का चलना मुमकिन नहीं है। नतीजा यह है कि स्कूलों में लगाए गए नलों से पानी की बूंद भी नहीं गिरती, बल्कि केवल हवा निकलती है।

छात्रों पर भारी पड़ रही लापरवाही

इस प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। स्कूल में पानी की सुविधा न होने के कारण बच्चे अपनी प्यास बुझाने के लिए घर से पानी की बोतलें लाने को मजबूर हैं। बुनियादी सुविधा के अभाव में छात्रों का कीमती समय और ऊर्जा व्यर्थ हो रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप