मानसून में घर को जलभराव से बचाने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तरीके, डोर मैट के चुनाव में रखें इन बातों का ख्याल जीवनशैली एक घंटा पहले 2
बारिश के मौसम में दरवाजे के नीचे से घर में पानी घुसना एक बड़ी परेशानी बन जाता है, लेकिन बोकारो के विशेषज्ञ अरशद के बताए इन सरल टिप्स से आप अपने फर्श को सूखा और साफ रख सकते हैं।

मानसून की समस्या और सही बचाव

बरसात के मौसम में बाहर का नजारा तो सुहावना होता है, लेकिन घर के भीतर आने वाला बारिश का पानी और कीचड़ काफी परेशानी का सबब बनते हैं। बोकारो के डोर मैट विक्रेता अरशद के मुताबिक, मानसून के दौरान सबसे आम समस्या घरों के मुख्य द्वार और चौखट से पानी का अंदर आना है। पानी आने से न केवल आपका फर्श गंदा होता है, बल्कि फिसलन के कारण चोट लगने का डर भी रहता है। इसके अलावा, लगातार नमी के कारण घरों में बदबू और फंगस पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए सही डोर मैट का चुनाव और कुछ आसान घरेलू उपाय बहुत कारगर साबित होते हैं।

रबर के डोर मैट क्यों हैं बेहतर

अरशद का मानना है कि मानसून में कपड़े या जूट के मैट के बजाय रबर वाले मैट का उपयोग करना सबसे अच्छा है। इसका मुख्य कारण यह है कि रबर के मैट कपड़े के मैट की तुलना में बहुत जल्दी सूख जाते हैं। कपड़े के मैट लंबे समय तक नमी सोख कर रखते हैं, जिससे उनमें से बदबू आने लगती है और धीरे-धीरे फंगस जमा हो जाती है। इसके विपरीत, रबर के मैट बाहर से आने वाली नमी और कीचड़ को रोकने में अधिक प्रभावी होते हैं। यदि आप घर के मुख्य द्वार के बाहर रबर मैट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह जूते-चप्पलों के साथ घर के अंदर आने वाली गंदगी और पानी को काफी हद तक बाहर ही रोक देता है, जिससे फर्श सुरक्षित रहता है।

मोटाई और दरवाजे की ऊंचाई का तालमेल

डोर मैट की खरीदारी करते समय सिर्फ उसका डिजाइन ही नहीं, बल्कि उसकी मोटाई भी महत्वपूर्ण है। अरशद सलाह देते हैं कि मैट का चयन करते समय चौखट और फर्श के बीच की ऊंचाई का ध्यान रखें। यदि आप बहुत अधिक मोटा मैट खरीद लेते हैं, तो दरवाजा खोलने या बंद करने में रुकावट आ सकती है। हालांकि, सही मोटाई का मैट बाहर से बहकर आने वाले पानी को अंदर आने से रोकने में बाधा की तरह कार्य करता है। आदर्श स्थिति यह है कि आप दरवाजे के बाहर और अंदर अलग-अलग प्रकार के मैट रखें। बाहर के लिए रबर या रैकेट जैसे खुरदरे टाइप के मैट सबसे सही रहते हैं, जबकि अंदर आप नमी को सोखने के लिए अन्य सामग्री के मैट लगा सकते हैं।

तौलिया और सिलिकॉन स्ट्रिप का कमाल

अगर आपके दरवाजे के नीचे काफी जगह है और वहां से पानी रिस कर अंदर आ रहा है, तो एक बहुत ही किफायती और आसान उपाय यह है कि आप वहां एक पुराना तौलिया या कोई मोटा कपड़ा रोल करके बिछा दें। यह कपड़ा बारिश के पानी को तुरंत सोख लेता है और मैट को अपनी जगह से खिसकने भी नहीं देता। जब कपड़ा गीला हो जाए, तो उसे बाहर निकालकर सुखा लें और दोबारा इस्तेमाल करें। इसके अलावा, आजकल बाजार में मिलने वाली सिलिकॉन स्ट्रिप या डोर स्टॉपर भी बेहद काम आते हैं। इसे दरवाजे के निचले हिस्से पर चिपका देने से पानी के साथ-साथ ठंडी हवा और कीड़े-मकौड़ों का प्रवेश भी घर में रुक जाता है।

घर के प्रवेश द्वार पर विशेष ध्यान

यदि समस्या यह है कि घर के प्रवेश द्वार के ठीक बाहर पानी जमा हो जाता है, तो वहां ढलान यानी स्लोप का होना बहुत जरूरी है। यदि फर्श बिल्कुल समतल है, तो पानी का दबाव दरवाजे की ओर ही रहेगा। सही ढलान बनाने से पानी दरवाजे की तरफ जमा होने के बजाय दूसरी दिशा में बह जाएगा, जिससे नमी का खतरा न्यूनतम हो जाएगा। साथ ही, मानसून के दौरान डोर मैट की देखभाल करना न भूलें। अगर मैट लगातार गीला रहेगा, तो वह खुद गंदगी का स्रोत बन जाएगा। इसलिए जब भी थोड़ी धूप निकले, मैट को बाहर निकालकर पूरी तरह सुखाना अनिवार्य है।

साफ-सफाई और रखरखाव

मानसून में घर की चौखट और फर्श को सूखा रखना एक चुनौती हो सकता है, लेकिन यदि आप इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें, तो आपका घर सुरक्षित रह सकता है। तौलिये का रोल बनाना, सही रबर मैट का चुनाव करना और दरवाजे के नीचे सिलिकॉन स्ट्रिप लगाना ऐसे उपाय हैं जो किसी भी आम आदमी के लिए बेहद सरल और सस्ते हैं। ये उपाय न केवल पानी को रोकने में सहायक हैं बल्कि आपके फर्श की उम्र और चमक को भी बनाए रखते हैं। बारिश के दिनों में भी घर का माहौल खुशनुमा और स्वच्छ बनाए रखने के लिए इन सुझावों को जरूर अपनाएं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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