उपनाम: बोकारो
बोकारो में गर्मी का देसी इलाज: तारकुल फल की धूम, खरीदारों की लगी कतार
बोकारो के सेक्टर-12 मोड़ पर इन दिनों ताड़ का फल यानी तारकुल लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। पानी से भरपूर यह मौसमी फल जहां गर्मी में राहत देता है, वहीं कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका का सहारा भी है।
5 मिनट की कला से शानदार कमाई! बोकारो की मोनिका ने पाइप क्लीनर से रची सफलता की कहानी
बोकारो की गृहणी मोनिका लकड़ा पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट से फूल, बुके और की-रिंग बनाकर हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं। उनके उत्पाद 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक में बिकते हैं।
बोकारो की इस पहाड़ी पर आज भी सुरक्षित हैं प्रभु राम के पदचिह्न, वनवास में सीता-लक्ष्मण संग आए थे यहां
बोकारो के कसमार प्रखंड स्थित 'राम-लखन टुंगरी' पहाड़ी से जुड़ी मान्यता है कि वनवास काल में भगवान राम यहां पहुंचे थे और हिरण पर तीर चलाते समय पत्थर पर उनके बाएं पैर का निशान अंकित हो गया था। हर साल मकर संक्रांति पर यहां भव्य मेला लगता है।
₹40 हजार से शुरू करें टी-शर्ट और ट्राउजर का कारोबार, रोज 8 पीस की बिक्री पर महीने के 30 हजार पक्के
कम पूंजी में मुनाफे वाला बिजनेस तलाश रहे लोगों के लिए टी-शर्ट और ट्राउजर का रिटेल कारोबार बेहतर विकल्प है। करीब 40 हजार रुपये में इसे शुरू किया जा सकता है और रोजाना 8-10 पीस बेचने पर महीने के 30-35 हजार रुपये तक की कमाई संभव है।
गर्मियों की छुट्टियों में घूमने की तैयारी? पर्यटकों को खूब भा रहा है कोनार डैम
झारखंड के बोकारो और हजारीबाग की सीमा पर बसा कोनार डैम विशाल जलाशय, घने जंगल और मनमोहक नजारों के लिए मशहूर है, जो गर्मियों में सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
बोकारो के सिमुलिया गांव में आज भी कायम है ‘घोड़े वाले बाबा’ की आस्था की परंपरा
बोकारो के चंदनक्यारी प्रखंड स्थित सिमुलिया गांव में दाहय रंगाहाड़ी बाबा को गांव का रक्षक माना जाता है, जिनके वाहन माने जाने वाले मिट्टी के घोड़ों की ग्रामीण श्रद्धापूर्वक पूजा करते हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त बाबा को मिट्टी के घोड़ों की जोड़ी अर्पित करते...