उपनाम: बागेश्वर
बागेश्वर के पोखरी गांव में रिंगाल से बन रहे इको फ्रेंडली डस्टबिन, प्लास्टिक को कहा अलविदा
उत्तराखंड का पोखरी गांव अब प्लास्टिक और लोहे की जगह पहाड़ी रिंगाल से बनी टोकरियों को कूड़ेदान के रूप में अपना रहा है, जिससे स्थानीय शिल्प और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
बागेश्वर की माघ धारा: न प्यूरीफायर की जरूरत, न फ्रिज की—सदियों से बुझा रही है लोगों की प्यास
बागेश्वर-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित माघ धारा वर्षों से आसपास के गांवों के लोगों की प्यास बुझा रही है। प्राकृतिक रूप से रिसकर निकलने वाला यह पानी स्वाद में मीठा और सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
गर्मी की छुट्टियों में दोस्तों के साथ घूम आइए उत्तराखंड का मिनी स्विट्जरलैंड, ऐसा नजारा कि लौटने का मन नहीं करेगा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में बसा कौसानी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और बर्फीली हिमालयी चोटियों के नजारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। जानिए कम बजट में यहां कैसे पहुंचें और रास्ते में क्या-क्या देख सकते हैं।
नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक उत्तराखंड के पिंडारी ट्रैक से लापता, पिता ने घोषित किया 10 लाख रुपये का इनाम
पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर 29 मई 2026 को लापता हुए नोएडा के 28 वर्षीय इंजीनियर अभिषेक चौहान का दस दिन से अधिक बीतने पर भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने ठोस जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
गर्मी में सरयू नदी का किनारा बना बागेश्वर के लोगों की पसंद, ठंडी हवाओं और शांत माहौल का सुकून
उत्तराखंड के बागेश्वर में सरमूल से निकलने वाली सरयू नदी का किनारा गर्मी के मौसम में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए राहत और सुकून का प्रमुख ठिकाना बन गया है। ठंडी हवाएं, शांत बहाव और प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को घंटों यहां रुकने पर मजबूर कर देते हैं।
जिसे पहले लोग पहचानते तक नहीं थे, उस कीवी की खेती से पहाड़ी किसान कमा रहीं लाखों, सीखने पहुंच रहे दूर-दूर के लोग
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कीवी की खेती किसानों के लिए आमदनी का बड़ा साधन बन रही है। शामा से शुरू हुई यह खेती अब कौसानी समेत कई इलाकों में फैल गई है और ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार दे रही है।
बंजर जमीन बनी आमदनी का जरिया: बागेश्वर की महिलाओं ने खाली खेत में उगाया किचन गार्डन, अब कैंटीन में परोस रहीं ताजी सब्जियां
बागेश्वर के विकास भवन परिसर में कैंटीन चलाने वाली नमन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पास की बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर ऑर्गेनिक किचन गार्डन तैयार कर लिया है, जिससे ताजी सब्जियां मिल रही हैं और बचत भी बढ़ी है।
पहाड़ों में छिपा सेहत का खजाना: इस पेड़ से निकलने वाला सफेद दूध है गुणों की खान
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में उगने वाला अमर तिमुल का पेड़ अंजीर प्रजाति का है, जिसकी छाल और टहनियों से निकलने वाला सफेद दूध सेहत के लिहाज से बेहद उपयोगी माना जाता है।
सक्सेस स्टोरी: फौज से रिटायर होकर असली फल-सब्जियों जैसी मोमबत्तियां गढ़ रहे बागेश्वर के नारायण दत्त, कमाई सुनकर चौंक जाएंगे
बागेश्वर के नैनी गांव के पूर्व सैनिक नारायण दत्त फल और सब्जियों की हूबहू नकल जैसी सजावटी मोमबत्तियां बनाकर त्योहारी सीजन में हर महीने 2 से 3 लाख रुपये कमा रहे हैं और गांव की महिलाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।
कद्दू की बेलों का साग: स्वाद और सेहत का खजाना, पहाड़ों की थाली की पहचान
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कद्दू की कोमल बेलों और पत्तियों से बनने वाला देसी साग स्वाद के साथ-साथ फाइबर, आयरन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर है, जो पाचन से लेकर हड्डियों तक की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
हल्द्वानी की आंटी राशि जोशी का बागेश्वर से कैसा रिश्ता? जानिए सोशल मीडिया स्टार की कहानी, पति हैं सेना में कर्नल
कुमाऊंनी अंदाज और हास्य-व्यंग्य से भरे वीडियो के कारण मशहूर कंटेंट क्रिएटर राशि जोशी सोशल मीडिया पर 'हल्द्वानी की आंटी' के नाम से लोकप्रिय हैं, मगर उनका असली नाता बागेश्वर जिले से जुड़ा है।
कौसानी का अनासक्ति आश्रम: बर्फीली चोटियों के बीच बसा वह ठिकाना, जहां से दिखता है स्वर्ग जैसा नजारा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी का अनासक्ति आश्रम महात्मा गांधी की यादों और स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक गवाह है, जहां से हिमालय की भव्य चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।