उत्तराखंड
एक घंटा पहले
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उत्तराखंड में मानसून की आफत
उत्तराखंड में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। मौसम विभाग की ओर से दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, अगले 3 दिनों तक राज्य के अधिकतर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी आशंका है। इस खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बागेश्वर में शैक्षणिक संस्थानों पर ताला
लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए बागेश्वर जिले के प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एहतियात के तौर पर 28 जुलाई को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। यह आदेश पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए प्रभावी रहेगा। जिले में सोमवार से ही बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण शिक्षण कार्य को स्थगित करना ही बेहतर समझा गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 28 जुलाई से 30 जुलाई तक के लिए राज्य भर में विशेष चेतावनी जारी की है। इस दौरान प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं बेहद तेज बारिश होने की संभावना है। विभाग ने जिलों के अनुसार अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं:
- ऑरेंज अलर्ट: 28 जुलाई के लिए देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि यहां अत्यधिक बारिश हो सकती है।
- येलो अलर्ट: पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों के लिए येलो अलर्ट रखा गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका है।
अगले तीन दिनों का हाल
बारिश का यह दौर केवल आज तक ही सीमित नहीं रहेगा। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 जुलाई को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। इसके बाद 30 जुलाई को भी उत्तरकाशी, देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति
देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में आज सुबह से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दिया। ऋषिकेश समेत शहर के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने देहरादून के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। बारिश के कारण तापमान में तो गिरावट दर्ज की गई है जिससे गर्मी से राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों से संवेदनशील स्थानों पर न जाने की अपील की है।
पहाड़ी जिलों में यात्रा के दौरान सतर्कता
नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। नैनीताल के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन होने की संभावना है, जिसके चलते यात्रियों को पहाड़ों की यात्रा करते समय पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह, गढ़वाल के पहाड़ी जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जो श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे मौसम का अपडेट लेकर ही अपनी आगे की यात्रा शुरू करें, क्योंकि पहाड़ों में पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
मैदानी इलाकों में स्थिति
हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में बारिश होने से उमस और गर्मी से लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन जलभराव की चुनौती बरकरार है। हालांकि, किसानों के दृष्टिकोण से यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने नगर निकायों को जल निकासी के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
जनता के लिए दिशा-निर्देश
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से अपील की है कि 28 से 30 जुलाई के बीच खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदी, नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों के करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है। यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करना अनिवार्य है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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