उपनाम: बागेश्वर
बंजर जमीन बनी आमदनी का जरिया: बागेश्वर की महिलाओं ने खाली खेत में उगाया किचन गार्डन, अब कैंटीन में परोस रहीं ताजी सब्जियां
बागेश्वर के विकास भवन परिसर में कैंटीन चलाने वाली नमन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पास की बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर ऑर्गेनिक किचन गार्डन तैयार कर लिया है, जिससे ताजी सब्जियां मिल रही हैं और बचत भी बढ़ी है।
पहाड़ों में छिपा सेहत का खजाना: इस पेड़ से निकलने वाला सफेद दूध है गुणों की खान
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में उगने वाला अमर तिमुल का पेड़ अंजीर प्रजाति का है, जिसकी छाल और टहनियों से निकलने वाला सफेद दूध सेहत के लिहाज से बेहद उपयोगी माना जाता है।
सक्सेस स्टोरी: फौज से रिटायर होकर असली फल-सब्जियों जैसी मोमबत्तियां गढ़ रहे बागेश्वर के नारायण दत्त, कमाई सुनकर चौंक जाएंगे
बागेश्वर के नैनी गांव के पूर्व सैनिक नारायण दत्त फल और सब्जियों की हूबहू नकल जैसी सजावटी मोमबत्तियां बनाकर त्योहारी सीजन में हर महीने 2 से 3 लाख रुपये कमा रहे हैं और गांव की महिलाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।
कद्दू की बेलों का साग: स्वाद और सेहत का खजाना, पहाड़ों की थाली की पहचान
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कद्दू की कोमल बेलों और पत्तियों से बनने वाला देसी साग स्वाद के साथ-साथ फाइबर, आयरन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर है, जो पाचन से लेकर हड्डियों तक की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
हल्द्वानी की आंटी राशि जोशी का बागेश्वर से कैसा रिश्ता? जानिए सोशल मीडिया स्टार की कहानी, पति हैं सेना में कर्नल
कुमाऊंनी अंदाज और हास्य-व्यंग्य से भरे वीडियो के कारण मशहूर कंटेंट क्रिएटर राशि जोशी सोशल मीडिया पर 'हल्द्वानी की आंटी' के नाम से लोकप्रिय हैं, मगर उनका असली नाता बागेश्वर जिले से जुड़ा है।
कौसानी का अनासक्ति आश्रम: बर्फीली चोटियों के बीच बसा वह ठिकाना, जहां से दिखता है स्वर्ग जैसा नजारा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी का अनासक्ति आश्रम महात्मा गांधी की यादों और स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक गवाह है, जहां से हिमालय की भव्य चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।