उपनाम: बागेश्वर
पहाड़ी जीवन का आधार है चीड़ का पेड़, राख से लेकर खाद तक इसके हैं अनोखे फायदे
उत्तराखंड के पहाड़ों में चीड़ का पेड़ केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खेती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
पिंडारी ग्लेशियर की रोमांचक यात्रा: बारिश के बाद कुमाऊं के इस ट्रेक की खूबसूरती में खो जाएं
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक एडवेंचर प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो बारिश के मौसम के बाद अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
बागेश्वर की खास ट्राउट मछली का स्वाद दिल्ली तक पहुंचा, आईटीबीपी के जवानों की भी बनी पहली पसंद
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के लीती गांव में पैदा होने वाली ट्राउट मछली अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण राजधानी दिल्ली और आईटीबीपी के जवानों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई है।
बागेश्वर का रहस्यमयी भद्रकाली मंदिर: 24 घंटे की तपस्या से बदलती है किस्मत, गुफा को लेकर फैली है अनोखी धारणा
उत्तराखंड के बागेश्वर स्थित मां भद्रकाली मंदिर में एक ऐसी प्राकृतिक गुफा है, जिसे लेकर भक्तों में गहरी आस्था है कि वहां 24 घंटे तपस्या करने से सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं।
बागेश्वर के बागनाथ मंदिर के पास 40 साल से दुकान चला रहीं दो महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल
उत्तराखंड के बागेश्वर में बागनाथ मंदिर के सामने पिछले 40 सालों से दुकान चला रहीं मंजू गोस्वामी और पूजा देवी अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं।
बागेश्वर का अनछुआ खजाना: घने जंगलों के बीच छिपा है ये अद्भुत झरना
उत्तराखंड के बागेश्वर में एक नया और खूबसूरत पर्यटन स्थल सामने आया है। यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रहस्यमयी गुफा के कारण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
बागेश्वर का भद्रकाली मंदिर: द्वापर युग का सिद्ध शक्तिपीठ, जहां रक्षाबंधन पर उमड़ता है आस्था का सैलाब
उत्तराखंड के बागेश्वर स्थित भद्रकाली मंदिर अपनी पौराणिक मान्यताओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। द्वापर युग से जुड़े इस सिद्ध शक्तिपीठ में रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
पिंडारी ग्लेशियर में लापता इंजीनियर अभिषेक का 28 दिन बाद भी नहीं मिला पता, आखिरी वीडियो आया सामने
उत्तराखंड के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान 29 मई से लापता हैं। चार सप्ताह बीतने के बाद भी प्रशासन और बचाव दल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं।
बाजार के केमिकल साबुन-शैम्पू पर भारी पड़ रहा पहाड़ का 'रामबास', नहाने से कपड़े धोने तक हर काम में असरदार
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के दानपुर क्षेत्र में ग्रामीण और भेड़ पालक आज भी नहाने, बाल धोने और कपड़े साफ करने के लिए रामबास नाम के प्राकृतिक पौधे का इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा, बालों और पर्यावरण तीनों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
बागेश्वर के पोखरी गांव में रिंगाल से बन रहे इको फ्रेंडली डस्टबिन, प्लास्टिक को कहा अलविदा
उत्तराखंड का पोखरी गांव अब प्लास्टिक और लोहे की जगह पहाड़ी रिंगाल से बनी टोकरियों को कूड़ेदान के रूप में अपना रहा है, जिससे स्थानीय शिल्प और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
बागेश्वर की माघ धारा: न प्यूरीफायर की जरूरत, न फ्रिज की—सदियों से बुझा रही है लोगों की प्यास
बागेश्वर-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित माघ धारा वर्षों से आसपास के गांवों के लोगों की प्यास बुझा रही है। प्राकृतिक रूप से रिसकर निकलने वाला यह पानी स्वाद में मीठा और सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
गर्मी की छुट्टियों में दोस्तों के साथ घूम आइए उत्तराखंड का मिनी स्विट्जरलैंड, ऐसा नजारा कि लौटने का मन नहीं करेगा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में बसा कौसानी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और बर्फीली हिमालयी चोटियों के नजारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। जानिए कम बजट में यहां कैसे पहुंचें और रास्ते में क्या-क्या देख सकते हैं।
नोएडा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक उत्तराखंड के पिंडारी ट्रैक से लापता, पिता ने घोषित किया 10 लाख रुपये का इनाम
पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर 29 मई 2026 को लापता हुए नोएडा के 28 वर्षीय इंजीनियर अभिषेक चौहान का दस दिन से अधिक बीतने पर भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने ठोस जानकारी देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
गर्मी में सरयू नदी का किनारा बना बागेश्वर के लोगों की पसंद, ठंडी हवाओं और शांत माहौल का सुकून
उत्तराखंड के बागेश्वर में सरमूल से निकलने वाली सरयू नदी का किनारा गर्मी के मौसम में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए राहत और सुकून का प्रमुख ठिकाना बन गया है। ठंडी हवाएं, शांत बहाव और प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को घंटों यहां रुकने पर मजबूर कर देते हैं।
जिसे पहले लोग पहचानते तक नहीं थे, उस कीवी की खेती से पहाड़ी किसान कमा रहीं लाखों, सीखने पहुंच रहे दूर-दूर के लोग
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कीवी की खेती किसानों के लिए आमदनी का बड़ा साधन बन रही है। शामा से शुरू हुई यह खेती अब कौसानी समेत कई इलाकों में फैल गई है और ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार दे रही है।