उपनाम: बागेश्वर
बागेश्वर की महिलाओं ने पेश की मिसाल, सरकारी दफ्तरों में कैंटीन चलाकर संवारा अपना भविष्य
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में महिलाओं के एक समूह ने आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है। सरकारी कार्यालयों में कैंटीन का संचालन कर ये महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
बागेश्वर का गोमती मोटर पुल: 1962 के युद्ध की यादें और 6 दशकों का सफर
उत्तराखंड के बागेश्वर में स्थित गोमती मोटर पुल न केवल यातायात की मुख्य कड़ी है, बल्कि इसका इतिहास 1962 के भारत-चीन युद्ध से गहराई से जुड़ा हुआ है। छह दशक से अधिक समय से यह पुल क्षेत्र की जीवनरेखा बना हुआ है।
बागेश्वर के गोलना में चूल्हे वाले मच्छी-भात का जादू, पिंडारी ट्रैक के सफर में पर्यटकों की पहली पसंद बना पहाड़ी स्वाद
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर के दुर्गम रास्ते पर स्थित गोलना गांव अपने पारंपरिक चूल्हे के मच्छी-भात से यात्रियों का दिल जीत रहा है। यह स्थानीय व्यंजन न केवल थकान मिटाता है, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी नई पहचान दे रहा है।
बागेश्वर में सोने की कीमतों ने बढ़ाई चिंता, अब सुनारों की दुकानों पर भी सज रही है नकली ज्वेलरी
उत्तराखंड के बागेश्वर में सोने के बढ़ते दाम आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं, जिसके चलते अब पारंपरिक सुनार भी आर्टिफिशियल ज्वेलरी बेचने को मजबूर हो गए हैं।
बागेश्वर: प्रेमा कोरंगा की डेयरी ने बदली पशुपालकों की तकदीर, हर महीने हो रही एक लाख रुपये से अधिक की कमाई
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक स्थानीय डेयरी उद्यम ग्रामीण पशुपालकों के लिए आर्थिक संबल बन गया है, जहाँ दूध की नियमित बिक्री से किसानों को हर महीने लाखों की आय सुनिश्चित हो रही है।
सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की पूजा क्यों नहीं होती, जानें पौराणिक कथाएं
हिन्दू धर्म में भगवान ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद उनकी पूजा अन्य देवताओं की तरह व्यापक रूप से नहीं होती है। आइए जानते हैं कि किन श्रापों और घटनाओं के कारण ब्रह्मा जी का मंदिर और पूजन का महत्व सीमित रह गया।
बागेश्वर का कनाकटा पास ट्रेक: रोमांच और चुनौतियों का सफर, जानें पूरी जानकारी
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कनाकटा पास ट्रेक हिमालय की सुंदरता देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है। इस ट्रेक को पूरा करने के लिए तैयारी और सावधानी बेहद आवश्यक है।
बागेश्वर में सांतू-आठू लोकपर्व की धूम, मायके आईं गौरा और उन्हें लेने पहुंचे शिव
उत्तराखंड के बागेश्वर में पारंपरिक सांतू-आठू पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें गौरा और शिव के पौराणिक संबंधों को लोकगीतों और अनुष्ठानों के माध्यम से जीवंत किया जाता है।
आजादी से पहले कैसा दिखता था बागेश्वर, जानिए कत्यूरी साम्राज्य से लेकर ब्रिटिश काल तक का गौरवशाली इतिहास
सरयू और गोमती के तट पर बसा बागेश्वर आज एक आधुनिक जिला मुख्यालय है, लेकिन आजादी से पहले यह स्थान अपनी शांत वादियों, समृद्ध संस्कृति और तिब्बत-कुमाऊं के प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में मशहूर था।
बागेश्वर में मूसलाधार बारिश से सरयू उफान पर, प्रशासन ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड के बागेश्वर में भारी बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। प्रशासन ने एहतियातन घाट खाली करा दिए हैं और कई रास्ते बंद होने से जनजीवन प्रभावित है।
पहाड़ों से सड़क किनारे तक कैसे आता है शीतल जल, जानें इसके पीछे का पूरा विज्ञान
उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सड़क किनारे बहती जलधाराएं अक्सर लोगों का ध्यान खींचती हैं, लेकिन इनके निर्माण की प्रक्रिया काफी जटिल और वैज्ञानिक है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्राकृतिक जलस्रोत कैसे बनते हैं और क्या इनका पानी पीना सुरक्षित है, आइए...
फर्श पर जमी जिद्दी काई से हैं परेशान? बागेश्वर की सुनीता ने बताया चुटकियों में सफाई का अचूक उपाय
बरसात के दिनों में फर्श पर जमने वाली काई न केवल घर की खूबसूरती बिगाड़ती है, बल्कि यह फिसलन का बड़ा कारण भी बनती है। बागेश्वर की सुनीता टम्टा ने इस समस्या से निजात पाने के लिए एक बेहद असरदार और किफायती घरेलू नुस्खा साझा किया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी, IMD ने 30 जुलाई तक दी चेतावनी, बागेश्वर में सभी स्कूल बंद
उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के चलते अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते बागेश्वर जिले में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
पहाड़ी जीवन का आधार है चीड़ का पेड़, राख से लेकर खाद तक इसके हैं अनोखे फायदे
उत्तराखंड के पहाड़ों में चीड़ का पेड़ केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खेती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
पिंडारी ग्लेशियर की रोमांचक यात्रा: बारिश के बाद कुमाऊं के इस ट्रेक की खूबसूरती में खो जाएं
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक एडवेंचर प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो बारिश के मौसम के बाद अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।